सेमिनार, लग्जरी गाड़ियां और अंदरखाने 3000 करोड़ की ठगी: कन्हैया गुलाटी की पूरी कहानी

Published : Dec 23, 2025, 12:52 PM IST
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सार

बरेली से शुरू हुआ कैनविज कंपनी घोटाला देश के सबसे बड़े निवेश फ्रॉड में शामिल हो गया है। मल्टी लेवल मार्केटिंग और निवेश योजनाओं के नाम पर करीब 20 लाख लोगों से 3000 करोड़ रुपये ठगे गए। आरोपी कन्हैया गुलाटी फरार है।

बरेली। सपनों को मुनाफे का चोला पहनाकर लोगों की जिंदगी भर की कमाई हड़प ली जाए, तो उसे ठगी नहीं बल्कि संगठित अपराध कहा जाएगा। बरेली से शुरू हुआ कैनविज कंपनी घोटाला आज देश के सबसे बड़े निवेश फ्रॉड मामलों में गिना जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मल्टी लेवल मार्केटिंग और निवेश योजनाओं के नाम पर करोड़ों नहीं, बल्कि हजारों करोड़ रुपये की ठगी की गई है।

कैसे शुरू हुआ कैनविज कंपनी का खेल

कैनविज कंपनी की नींव वर्ष 2016-17 के आसपास रखी गई। कंपनी संचालक कन्हैया गुलाटी ने खुद को रियल एस्टेट, एफडी, प्लॉटिंग, होटल और बिजनेस इन्वेस्टमेंट से जुड़ा बड़ा कारोबारी बताया। निवेशकों को हर महीने तय रिटर्न और कुछ ही वर्षों में रकम दोगुनी-तिगुनी होने का सपना दिखाया गया। शुरुआत में कुछ लोगों को भुगतान कर भरोसा बनाया गया, लेकिन यही भरोसा बाद में सबसे बड़ी भूल साबित हुआ।

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गांव-गांव फैला नेटवर्क, एजेंट बने हथियार

कैनविज कंपनी ने एजेंटों का बड़ा जाल बिछाया। मोटे कमीशन के लालच में एजेंटों ने अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और जान-पहचान वालों को निवेश के लिए जोड़ा। धीरे-धीरे यह नेटवर्क बरेली से निकलकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान समेत कई राज्यों तक फैल गया। बड़े सेमिनार, चमचमाती गाड़ियां और आलीशान दफ्तर दिखाकर लोगों को यह भरोसा दिलाया गया कि कंपनी पूरी तरह सुरक्षित है।

20 लाख निवेशक, करीब 3000 करोड़ की ठगी

जांच एजेंसियों के मुताबिक इस घोटाले में करीब 20 लाख लोग फंसे हैं। किसी ने 50 हजार लगाए तो किसी ने अपनी पूरी जमा-पूंजी, यहां तक कि बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी के लिए रखा पैसा भी निवेश कर दिया। अब तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार ठगी की रकम करीब 3000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। बरेली और आसपास के जिलों में सैकड़ों परिवार आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं।

पैसा मांगते ही बंद हो गए दफ्तर

जब निवेशकों ने अपना पैसा वापस मांगना शुरू किया, तो पहले चेक दिए गए, फिर तारीखें बढ़ाई गईं। अंत में कंपनी के दफ्तर बंद हो गए और मोबाइल नंबर स्विच ऑफ हो गए। तब जाकर लोगों को ठगी का अहसास हुआ, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

कन्हैया गुलाटी का आपराधिक इतिहास

कैनविज कंपनी का संचालक कन्हैया गुलाटी कोई नया नाम नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पहले से ही 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, अमानत में खयानत और निवेश फ्रॉड शामिल हैं। आरोप है कि वह पहले भी अलग-अलग नामों से कंपनियां बनाकर लोगों से पैसा जुटाता रहा है। जैसे ही सवाल उठते, वह नई कंपनी खड़ी कर देता था। इस पूरे नेटवर्क में उसके परिवार और करीबी एजेंटों की भूमिका भी जांच के घेरे में है।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

मामला सामने आने के बाद बरेली पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा सक्रिय हुई। कन्हैया गुलाटी के खिलाफ जिले में 17 और देशभर में कुल 35 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। फिलहाल आरोपी फरार है और उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। पुलिस उसकी संपत्तियों की जांच कर रही है और कुर्की की तैयारी भी चल रही है।

बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य के अनुसार यह एक संगठित गिरोह का मामला है, जिसमें कई एजेंट और सहयोगी शामिल हैं। पुलिस ने पीड़ितों से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है, ताकि इस बड़े निवेश घोटाले की पूरी परतें खोली जा सकें।

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