
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath सरकार ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) व्यवस्था में व्यापक और ठोस सुधार सुनिश्चित किए हैं। हालिया आंकड़ों के अनुसार जहां एक ओर रिक्त पदों को तेजी से भरा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आधारभूत सुविधाओं और छात्राओं की दैनिक जरूरतों को भी मजबूत किया गया है। साथ ही टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता लाने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब बेसिक शिक्षा विभाग खाद्यान्न, दैनिक उपयोग की सामग्री और स्टेशनरी की आपूर्ति भी सुनिश्चित कर रहा है।
योगी सरकार की सख्त नीतियों, लगातार निगरानी और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली के कारण KGBV अब केवल आवासीय विद्यालय नहीं रहे, बल्कि सुरक्षित, सुसज्जित और आधुनिक शैक्षिक परिसरों के रूप में विकसित हो रहे हैं। यह बदलाव प्रदेश की बेटियों को बेहतर अवसर, सुविधाएं और मजबूत भविष्य देने की दिशा में अहम कदम है।
प्रदेश के कई जिलों में KGBV के तहत एकेडमिक हॉस्टल, अतिरिक्त डॉरमेट्री, कंप्यूटर लैब और टॉयलेट ब्लॉक जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है। इन कार्यों के पूरा होने से छात्राओं को बेहतर रहने और पढ़ाई का वातावरण मिल रहा है।
KGBV में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी तेज की गई है। प्रयागराज (43), बलिया (42), उन्नाव (39) और एटा (35) जैसे जिलों में अधिक रिक्तियों को चिन्हित कर उनकी भर्ती प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं श्रावस्ती, रायबरेली, आजमगढ़ और ललितपुर जैसे जिलों में कोई भी पद रिक्त नहीं है, जो प्रभावी मॉनिटरिंग और जवाबदेही को दर्शाता है।
छात्राओं के जीवन को आसान बनाने के लिए रोटी मेकिंग मशीन, सोलर गीजर, जेनसेट और वाशिंग मशीन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा फोक म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट, ओपन जिम और ‘एक केजीबीवी-एक खेल’ जैसी पहलें भी लागू की गई हैं, ताकि छात्राओं का समग्र विकास हो सके।
KGBV भवनों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं। वर्ष 2025-26 में बलरामपुर में 80% कार्य पूरे हो चुके हैं। अन्य जिलों में भी मरम्मत और निर्माण कार्य लगातार प्रगति पर हैं। आंकड़ों के अनुसार बाराबंकी में 34 कार्य (20 डॉरमेट्री, 13 कंप्यूटर लैब, 1 टॉयलेट ब्लॉक), हरदोई में 33 कार्य (4 हॉस्टल, 16 डॉरमेट्री, 6 कंप्यूटर लैब, 7 टॉयलेट ब्लॉक) और लखीमपुर खीरी में 27 कार्य पूरे हो चुके हैं। इसके अलावा बरेली (25), गोंडा (22), देवरिया (18) और लखनऊ (17) जैसे जिलों में भी निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं।
प्रदेश में बड़ी संख्या में निर्माण कार्य पूरे होने के बाद अब उन्हें विद्यालयों को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। योगी सरकार पहले चरण में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर चुकी है और अब उसे व्यवस्थित तरीके से छात्राओं के उपयोग में लाने पर ध्यान दे रही है, जिससे जल्द ही इन सुविधाओं का पूरा लाभ मिल सके।
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