यूपी की मजूदर अनीता देवी बनी लखपति दीदी, अपने Idea से बदली 4400 महिलाओं की किस्मत

Published : Mar 24, 2026, 12:36 PM IST

Lakhpati Didi Yojana : यूपी के अमरोहा जिले की अनीता देवी आज एक बिजनेस वुमन बन गई हैं। वह सिर्फ अकेली ही नहीं, लाखों रुपए कमा रही हैं, बल्कि अन्होंने सरकारी मदद से स्वयं सहायता समूह के जरिए  4400 महिलाों की किस्मत बदल दी है। जो कभी मजदूरी करती थीं।

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अमरोहा की अनीता महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं

अमरोहा जिले के विकास खंड गजरौला के ग्राम पंचायत सलेमपुर गोसाईं की रहने वाली अनीता देवी आज उन हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकीं हैं, जो कभी आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के कारण अपनी जरूरतों को भी ठीक से पूरा नहीं कर पातीं थीं। वे अपने पति के साथ मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का गुजारा करती थीं। जीवन में स्थिर आय का कोई साधन नहीं था और हर दिन संघर्ष से भरा होता था। लेकिन आज वही अनीता “लखपति दीदी” के रूप में जानी जाती हैं, जो अपने दम पर सालाना लाखों की आय अर्जित कर रहीं हैं। उनके समूह से जुड़ी 4400 महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन गई हैं।

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योगी सरकार की मदद से अनीता ने लिखी अपनी कहानी

 सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने अनीता देवी के जीवन में जो बदलाव किया, जिसने पूरी दिशा ही बदल दी। आज वह अपने समूह की अध्यक्ष हैं। उनके समूह से 4400 महिलाएं जुड़ी हुई हैं जो कि आत्मनिर्भर बन चुकीं हैं। शक्ति स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद अनीता को न केवल आर्थिक सहायता मिली, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने का अवसर भी मिला।

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सरकार ने दिए 1 लाख जिससे बनीं लखपति

योगी सरकार के सहयोग से वर्ष 2021 में सामुदायिक निवेश निधि से उन्हें 1,10,000 रुपये मिले जिससे उनके व्यवसाय को मजबूत आधार दिया। इसके बाद उन्हें वर्ष 2023 में समूह के माध्यम से 15 हजार रिवॉल्विंग फंड के रूप में प्राप्त हुए। जबकि वर्ष 2024 में 3,00,000 सीसीएल और 2025 में 4,00,000 सीसीएल प्राप्त हुआ। आज समूह के सहयोग से अनीता देवी ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो कोई भी महिला अपने जीवन को बदल सकती है।

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कोरोना काल में किया खूब काम, उसी से मिली सफलता

 आज सलेमपुर में अनीता ने 27 समूह बनाए हैं। उन्होंने अपने घर से सिलाई के कार्य की शुरुआत की। धीरे-धीरे उन्होंने इसे एक व्यवसाय का रूप दिया और कपड़े तैयार कर बेचने लगीं। कोरोना काल में उनके समूह ने मिलकर मास्क और उससे जुड़े बहुत से उत्पाद बनाए थे। उनकी यही मेहनत रंग लाई और आज उनकी आमदनी में काफी अच्छी बढ़ोतरी हुई है। 2023 दिसंबर में उन्होंने 'शक्ति ट्रेडर्स' के नाम से किराना की दुकान खोली जिसे उनके पति और बेटा मिलकर चलाते हैं। इससे उनकी आय के स्रोत बढ़ते गए। वर्तमान में उनकी मासिक आय 40,000 से 45000 रुपये तक हो जाती है। यह सफलता केवल उनके परिश्रम का परिणाम नहीं है, बल्कि यह इस बात का उदाहरण भी है कि योगी सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर पर कैसे महिलाओं को सशक्त बना रही हैं।

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आत्मनिर्भरता से सम्मान तक

अनीता बनीं समूह और गांव के लिए प्रेरणा आज अनीता न केवल अपने परिवार का सहारा बनीं हैं, बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। इसके अलावा समय मिलने पर वह अपने घर से कॉस्मेटिक से जुड़े उत्पाद भी बेचने का काम करतीं हैं। उन्होंने मेहनत से यह दिखाया है कि आत्मनिर्भरता से ही सच्चा सम्मान मिलता है। अब वह अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित करती रहती हैं, ताकि वे भी अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।

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योगी सरकार  के लिए देती हैं साधुवाद

अनीता इसके लिए योगी सरकार का धन्यवाद देती हैं। वे कहती हैं कि “समूह से जुड़ने के बाद हमारे जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आया है। अब हमारे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से बहुत बेहतर हुई है। अनीता की यह कहानी केवल एक महिला की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस बदलाव की कहानी है, जो सरकारी योजनाओं, सामूहिक प्रयास और मजबूत इच्छाशक्ति से संभव हुई है

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