लखनऊ के इंदिरा नगर में मेजर की बेटी अंजना को नए साल पर इंसाफ मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़प लिया गया उनका घर वापस लौटा। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अंजना को घर का कब्जा सौंपा गया।
सीएम योगी के हस्तक्षेप से मेजर की बेटी को मिला उसका घर
नए साल की पहली सुबह लखनऊ की इंदिरा नगर निवासी अंजना के लिए उम्मीद और राहत लेकर आई। लंबे समय से न्याय की आस लगाए बैठी मेजर की बेटी को आखिरकार इंसाफ मिल गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सीधे हस्तक्षेप से न सिर्फ अंजना को उसका खोया हुआ घर वापस मिला, बल्कि धोखाधड़ी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। यह मामला न सिर्फ प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सही दरवाजे पर दस्तक देने से न्याय मिल सकता है।
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फर्जी दस्तावेजों से हड़प लिया गया था घर
जानकारी के मुताबिक, इंदिरा नगर की रहने वाली अंजना मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनकी कमजोरी का फायदा उठाते हुए फर्जी दस्तावेजों के सहारे उनके पुश्तैनी घर पर कब्जा कर लिया। अंजना अकेली थीं, क्योंकि कुछ समय पहले उनके माता-पिता और भाई-बहनों का निधन हो चुका था। इस स्थिति में उनके लिए अपने ही घर को वापस पाना बेहद मुश्किल हो गया था।
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मुख्यमंत्री से गुहार, 24 घंटे में कार्रवाई
जब मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा तो उन्होंने तुरंत प्रशासन और पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। आदेश मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस हरकत में आई और महज 24 घंटे के भीतर अंजना को उसका घर वापस दिला दिया गया। इस दौरान धोखाधड़ी में शामिल दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।
घर वापस मिलने के बाद अंजना ने भावुक होते हुए कहा कि केयरटेकर और आर्मी कैंटोनमेंट के अधिकारियों की मदद से वह अपने घर लौट पाईं। उन्होंने कहा कि माता-पिता के जाने के बाद वह बिल्कुल अकेली रह गई थीं और यह घर उनके लिए यादों से जुड़ा हुआ है। अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि उनके सहयोग से उन्हें नई जिंदगी की शुरुआत करने का मौका मिला है।
अंजना ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि वह खुद उनसे मिलने गई थीं। उन्होंने बताया कि अब वह सामान्य जीवन जी रही हैं और स्वास्थ्य भी पहले से बेहतर है। अंजना के मुताबिक, बीमारी के समय वह खुद को बेहद असहाय महसूस कर रही थीं, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।
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पुलिस ने दर्ज किया मामला
गाज़ीपुर के एसीपी अनिंध्य विक्रम सिंह ने बताया कि मेजर विपिन चंद्र भट्ट की बेटी अंजना भट्ट ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बलवंत यादव नाम के व्यक्ति पर फर्जी तरीके से घर हड़पने का आरोप लगाया गया था। एसीपी के अनुसार, शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच जारी है और मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को घर का कब्जा सौंप दिया गया है।
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नए साल में मिला न्याय
यह मामला उन लोगों के लिए मिसाल बन गया है, जो धोखाधड़ी और दबाव के चलते न्याय से दूर रह जाते हैं। नए साल में अंजना को मिला यह इंसाफ न सिर्फ उनके लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है।
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