
लखनऊ। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लोकसभा में पारित न होने देने के विरोध में राजधानी लखनऊ में महिलाओं का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। मंगलवार सुबह 7 बजे से ही हजारों महिलाएं 5 कालिदास मार्ग (मुख्यमंत्री आवास) पहुंचने लगीं। जैसे-जैसे दिन बढ़ा और धूप तेज होती गई, महिलाओं का जोश और गुस्सा भी उतना ही बढ़ता गया। हाथों में सपा और कांग्रेस के खिलाफ पोस्टर लेकर महिलाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कदम मिलाने को तैयार दिखीं।
मुख्यमंत्री आवास पहुंची महिलाओं के हाथों में कई तरह के पोस्टर और बैनर थे। इन पर सपा और कांग्रेस को महिला विरोधी बताते हुए महिला आरक्षण पर विश्वासघात जैसे संदेश लिखे थे। पदयात्रा शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में महिलाएं वहां जुट चुकी थीं। मंच से नेताओं और मंत्रियों ने महिलाओं के इस जोश को सलाम किया।
सुबह करीब 9 बजे जैसे ही मंच से संबोधन शुरू हुआ, महिलाओं ने अपने पोस्टर लहराते हुए जोरदार नारे लगाए। ‘सपा की पहचान नारी शक्ति का अपमान’, ‘महिला आरक्षण पर घटिया राजनीति’, और ‘230 सांसदों का विरोध किसके खिलाफ’ जैसे नारों से महिलाओं ने अपना गुस्सा जाहिर किया।
करीब 9:40 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंच पर पहुंचते ही माहौल और उत्साहित हो गया। महिलाओं ने सरकार के समर्थन में नारे लगाए और सपा-कांग्रेस का विरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष का महिला आरक्षण का विरोध उनकी राजनीति को खत्म कर देगा। इसके बाद करीब 10 बजे मुख्यमंत्री की अगुवाई में जन आक्रोश पदयात्रा शुरू हुई।
तेज धूप के बावजूद मुख्यमंत्री, मंत्री और हजारों महिलाएं पैदल मार्च में शामिल रहीं। यह पदयात्रा मुख्यमंत्री आवास से शुरू होकर विधानसभा की ओर बढ़ी। रास्ते में लोगों ने भी मुख्यमंत्री के समर्थन में नारे लगाए। सिविल अस्पताल के पास से गुजरते समय पूरे क्षेत्र में नारों की गूंज सुनाई दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी सुरक्षा चिंता के पूरी पदयात्रा पैदल पूरी की। इस दौरान अनुशासन का स्तर काफी अच्छा रहा। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ महिलाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा नजर आई।
विधानसभा के सामने पदयात्रा समाप्त होने पर मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वालों के खिलाफ प्रदेश की महिलाओं में गहरा आक्रोश है और यह आंदोलन इसका प्रमाण है।
हरदोई से आई बबिता ने कहा कि अब नारी शक्ति का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरक्षण के लिए संघर्ष जारी रहेगा। लखनऊ की कीर्ति ने कहा कि राजनीति में सभी महिलाओं को समान अवसर मिलना चाहिए। बाराबंकी की कांता देवी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को रोकने का काम किया है। उन्नाव की सविता ने कहा कि सरकार महिलाओं के हित में काम कर रही है, जबकि विपक्ष सिर्फ राजनीति कर रहा है। अयोध्या की छात्रा वैशाली ने भी महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ाने की जरूरत बताई।
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