61 साल बाद लखनऊ में लौट रहा है स्काउट्स-गाइड्स का महाकुंभ, जानिए क्या होगा खास

Published : Nov 16, 2025, 11:50 AM IST
national jamboree lucknow 2025

सार

लखनऊ में 61 साल बाद आयोजित 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी में देश-विदेश के 33 हजार से अधिक स्काउट्स-गाइड हिस्सा लेंगे। काशी घाट प्रतिरूप, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नवाचार हब और नेतृत्व प्रशिक्षण के साथ यह कार्यक्रम ‘एकता में विविधता’ का अद्भुत उत्सव बनेगा।

जब किसी शहर की मिट्टी पर युवाओं के कदम भविष्य की दिशा तय करने लगें और जब उसकी हवा में सेवा, अनुशासन और नेतृत्व की गूंज सुनाई दे, तब वह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय परिवर्तन की राह बन जाता है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 61 वर्षों बाद भारत स्काउट्स और गाइड्स के ‘महाकुंभ’ की मेजबानी कर यही इतिहास रचने जा रही है। योगी सरकार की मेजबानी में 19वां राष्ट्रीय जंबूरी 23 से 29 नवंबर तक आयोजित होगा, जिसमें देश-विदेश से आए युवा नेतृत्व का शानदार संगम दिखाई देगा।

डायमंड जुबली जंबूरी: 33 हजार प्रतिभागियों का वैश्विक उत्सव

“सशक्त युवा विकसित भारत” थीम पर आयोजित इस ऐतिहासिक जंबूरी में देशभर से करीब 30,000 स्काउट-गाइड, यूनिट लीडर्स और 1500 विदेशी प्रतिनिधि शामिल होंगे। कुल 33,000 से अधिक प्रतिभागी इस कार्यक्रम को एक जीवंत वैश्विक मंच बनाने जा रहे हैं। यह आयोजन न केवल स्काउटिंग परंपरा का उत्सव है, बल्कि युवाओं को सेवा, नवाचार, अनुशासन और नेतृत्व कौशल में प्रशिक्षित करने का व्यापक मंच भी होगा।

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काशी के घाटों की अद्भुत अनुभूति: आध्यात्मिकता और संस्कृति का संगम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जंबूरी स्थल को “लघु भारत” का स्वरूप दिया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा आकर्षण होगा काशी के घाटों का प्रतिरूप, जहाँ सातों दिन विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती की प्रस्तुति दर्शकों को भारतीय आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराएगी। यह दृश्य भारत की सांस्कृतिक शक्ति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्शाने का अनूठा माध्यम बनेगा।

विविधता के स्वाद और कला का उत्सव

वाराणसी कंटीजेंट के लीडर आशु कुमार वर्मा के अनुसार जंबूरी में लगने वाला फूड प्लाजा भारत की खाद्य संस्कृति का रंगीन संगम होगा। विदेशी प्रतिनिधियों को मिलेगा:

  • बनारसी पान
  • बनारसी चाट
  • पूड़ी-कचौड़ी
  • जलेबी

साथ ही “वेस्ट मटेरियल” से हस्तशिल्प और मिट्टी से बनी कलाकृतियाँ भारतीय हस्तकला की समृद्ध विरासत को जीवंत रूप में प्रदर्शित करेंगी।

नवाचार और तकनीक का भविष्य: विशेष आईटी और एआई हब

आधुनिक भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को देखते हुए जंबूरी स्थल पर आईटी एवं एआई हब स्थापित किया जा रहा है। इसमें होंगे:

  • डिजिटल लर्निंग सत्र
  • रोबोटिक्स वर्कशॉप
  • साइंस एक्सपो
  • इनोवेशन और नेतृत्व प्रशिक्षण

उद्देश्य है युवा स्काउट्स को नई तकनीक से जोड़कर उन्हें भविष्य का सक्षम नेतृत्वकर्ता बनाना।

‘सेवा ही सर्वोच्च धर्म’: युवा शक्ति को प्रेरित करेगा आयोजन

61 वर्षों बाद उत्तर प्रदेश में आयोजित हो रहा यह राष्ट्रीय जंबूरी युवाओं के मन में राष्ट्रीय सेवा, अनुशासन, चरित्र निर्माण और वैश्विक भाईचारे की भावना को मजबूत करेगा। यह आयोजन न केवल लखनऊ की पहचान को नई ऊंचाई देगा, बल्कि विकसित भारत के सपने में युवाओं की निर्णायक भूमिका को दृढ़ संदेश भी देगा।

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