
लखनऊ। बुधवार को उत्तर प्रदेश के विकास में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला यह 594 किलोमीटर लंबा हाईस्पीड एक्सप्रेसवे प्रदेश की कनेक्टिविटी, उद्योग, कृषि और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे पूर्वांचल से जोड़ेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। साथ ही, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार सुबह करीब 11:15 बजे हरदोई पहुंचेंगे और दोपहर 12:55 बजे वहां से रवाना होंगे। इस दौरान वह गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री यूपीडा (UPIDA) की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे, पौधरोपण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज समेत 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से लंबी दूरी की यात्रा पहले के मुकाबले काफी कम समय में पूरी हो सकेगी। लोगों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर मिलेगा। साथ ही माल परिवहन की लागत घटने से व्यापारियों और उद्योगों को बड़ा फायदा होगा, जिससे प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पीपीपी यानी DBFOT मॉडल पर किया गया है। यह सार्वजनिक और निजी भागीदारी का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। फिलहाल इस एक्सप्रेसवे को 6 लेन में बनाया गया है, लेकिन भविष्य में इसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। इसकी डिजाइन स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है, जिससे यातायात तेज और सुगम होगा। बेहतर निर्माण गुणवत्ता, चौड़ा राइट ऑफ वे और आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं इसे देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करती हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे की सबसे खास विशेषताओं में शाहजहांपुर के पास बनाई गई करीब 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप शामिल है। आपात स्थिति में यहां भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान उतर सकेंगे। इसके अलावा पूरे एक्सप्रेसवे पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग जैसी आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इन व्यवस्थाओं से यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर सफर का अनुभव मिलेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (IMLC) विकसित किए जा रहे हैं। यहां वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और लॉजिस्टिक्स हब बनाए जाएंगे। सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कैपिटल सब्सिडी, एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट, स्टाम्प ड्यूटी में छूट और पावर इंसेंटिव जैसी सुविधाएं दे रही है। इससे प्रदेश में बड़े स्तर पर औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा इंटरकनेक्टेड एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार होगा। इससे माल ढुलाई तेज और सस्ती होगी तथा लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई मजबूती मिलेगी।
एक्सप्रेसवे के आसपास कृषि आधारित उद्योग, मंडियां, वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज भी विकसित किए जाएंगे, जिससे किसानों को अपनी उपज के बेहतर दाम मिल सकेंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। आईएमएलसी और औद्योगिक कॉरिडोर विकसित होने से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की रुचि उत्तर प्रदेश में बढ़ेगी। यह परियोजना राज्य को ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे। सुबह करीब 7 बजे पीएम और सीएम मंदिर पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पूरे मार्ग को सजाया गया है और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए बरेका से काशी विश्वनाथ मंदिर मार्ग तक पांच प्रमुख स्वागत प्वाइंट बनाए गए हैं। इन स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे।
मंडुआडीह, पुलिस लाइन, लहुराबीर, मैदागिन, चौक और काशी विश्वनाथ मंदिर गेट प्रमुख स्वागत स्थल रहेंगे। यहां मंत्री, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में काशी की जनता मौजूद रहेगी।
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