महाकुंभ: 8 करोड़ से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, ऐसे किया बड़ा इंतज़ाम?

Published : Jan 31, 2025, 04:14 PM IST
Crowd In Mahakumbh Before mauni amawasya

सार

मौनी अमावस्या पर महाकुंभ में 8 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। अगले दिन भी 2 करोड़ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। प्रयागराज रेल मंडल ने 400 से ज़्यादा स्पेशल ट्रेनों से 20 लाख श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य तक पहुँचाया।

महाकुम्भनगर। आस्था के महापर्व महाकुम्भ के सबसे अमृत स्नान मौनी अमावस्या पर्व पर 8 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। मौनी अमावस्या पर्व के दूसरे दिन भी श्रद्धालुओं के महाकुम्भ में आने का क्रम जारी रहा। पर्व के दूसरे दिन भी लगभग 2 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान किया। करोड़ों की संख्या श्रद्धालुओं के महाकुम्भ में सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए प्रयागराज रेल मण्डल ने पिछले दो दिनों में रिकार्ड 400 से अधिक मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य स्टेशनों तक पहुंचाया। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए होल्डिंग एरिया और कलर कोडेड आश्रय स्थलों के माध्यमों से तीर्थयात्रियों सुरक्षित तरीके से रवाना किया गया।

श्रद्धालुओं को प्रयागराज रेलवे ने पहुंचाया गंतव्य स्टेशन

मौनी अमावस्या का पर्व महाकुम्भ का सबसे बड़ा स्नान पर्व माना जाता है। परंपरा अनुसार इस दिन करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र त्रिवेणी में स्नान करने प्रयागराज आते हैं। महाकुम्भ 2025 के मौनी अमावस्या पर्व पर रिकार्ड 8 करोड़ लोगों ने संगम में स्नान किया। यही नहीं पर्व के दूसरे दिन भी लगभग 2 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं के महाकुम्भ में सुरक्षित आवागमन के लिये प्रयागराज रेल मण्डल ने रिकार्ड मेला स्पेशल और नियमित ट्रेनों का संचालन किया। पर्व के दिन 29 जनवरी को शहर के सभी रेलवे स्टेशनों से रिकार्ड 400 से अधिक मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। पर्व के दूसरे दिन 30 जनवरी को भी लगभग 175 स्पेशल ट्रेनों के साथ 300 से अधिक ट्रेनें चलाई गईं। पिछले दो दिनों में प्रयागराज रेल मण्डल ने 20 लाख से अधिक लोंगो को सुरक्षित उनके गंतव्य स्टेशनों तक पहुंचाया।

प्रयागराज के सभी स्टेशनों से 700 से अधिक ट्रेनों किया गया संचालन

प्रयागराज रेल प्रशासन ने बताया कि मौनी अमावस्या पर्व और उसके दूसरे दिन मिलाकर लगभग 700 से अधिक नियमित और मेला स्पेशल ट्रेनों का सफल संचालन किया गया। इनमें से सर्वाधिक ट्रेनों का संचालन प्रयागराज जंक्शन से हुआ, इसके अलावा एनसीआर के नैनी, छिवकी, सूबेदारंगज, एन आर के प्रयाग, फाफामऊ और पूर्वोत्तर रेलवे के रामबाग और झूंसी स्टेशनों से भी मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। इसके साथ ही रेवले स्टेशन परिसर में सफल भीड़ प्रबंधन के लिये पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुरूप तीर्थ यात्रियों को होल्डिंग एरिया, कलर कोडेड आश्रय स्थलों और कलर टिकट के जरियों दिशावार उनकी ट्रेनों तक पहुंचाया गया। साथ ही स्टेशन परिसर में जरूरी स्वास्थ्य, पीने के पानी, शौचालय की सुविधाएं उपलब्ध करवा कर तीर्थयात्रियों को सुगम और सुरक्षित उनके गंतव्य स्टेशन तक पंहुचाया गया। पर्व के दिन रेलवे प्रशासन के आला अधिकारी कंट्रोल रूम और वॉच टॉवर से भीड़ प्रबंधन की निगरानी और संचालन करते रहे।

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