महाकुंभ की सच्चाई: योगी ने विपक्ष को दिखाया आइना!

Published : Feb 26, 2025, 03:36 PM IST
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सार

सीएम योगी ने विधान परिषद में महाकुंभ के आयोजन पर हो रहे दुष्प्रचार और राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष के व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने गंगाजल की शुद्धता पर भी प्रकाश डाला और विपक्ष पर भारत विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया।

लखनऊ, 25 फरवरी। विधानसभा बजट सत्र के छठवें दिन विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपने संबोधन में सीएम योगी ने महाकुम्भ के आयोजन पर किये जा रहे दुष्प्रचार व राज्यपाल के अभिभाषण पर किए गए व्यवहार पर विपक्ष को आइना दिखाया। सीएम योगी ने कहा कि राज्यपाल के खिलाफ विपक्ष का व्यवहार किसी भी आदर्श लोकतंत्र को स्वीकार नहीं होगा। सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट को पढ़ते हुए कहा कि महाकुम्भ में सभी को अपनी दृष्टि के अनुरूप चीजें देखने मिली है। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ दुनिया में अबतक हुए सभी आयोजनों के रिकॉर्ड को तोड़ रहा है। प्रयागराज महाकुम्भ ने प्रदेश में नए पंच तीर्थ को जोड़ा है, जिसके माध्यम से श्रद्धालु अयोध्या, काशी, गोरखपुर, मथुरा दर्शन करने लिए पहुंच रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा कि राज्यपाल एक संवैधानिक पद है और अपने संवैधानिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने के लिए ही वर्ष के शुरुआत में पहले सत्र में उनके द्वारा दोनों सदनों को एक साथ संबोधित किया जाता है। सीएम योगी ने कहा कि लोकतंत्र संवाद पर आधारित होता है, यह आवश्यक नहीं कि सभी लोग एक-दूसरे से सहमत हों, लेकिन मर्यादा और शालीनता का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद के प्रति जिस प्रकार की अशोभनीय भाषा और नारेबाजी का प्रयोग किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने हमें जो लोकतांत्रिक व्यवस्था दी है, उसका सम्मान करना सभी दलों का कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी का यह आचरण लोकतंत्र और संविधान, दोनों के विरुद्ध है। एक आदर्श लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

आस्था और सनातन संस्कृति की विश्वव्यापी गूंज है महाकुम्भ- योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में विपक्ष के रवैये पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जब पूरा विश्व प्रयागराज के महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता का साक्षी बन रहा है, तब विपक्ष सिर्फ आलोचना करने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि यह कोई साधारण आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, आस्था और संस्कृति का वह महोत्सव है, जिसने देश की प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। मुख्यमंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि अब तक 64 करोड़ श्रद्धालु इस दिव्य आयोजन में शामिल हो चुके हैं, जो कि विश्व के किसी भी धार्मिक आयोजन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज एक नए युग की ओर बढ़ रहा है, जहां अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, गोरखपुर और प्रयागराज तीर्थाटन के नए केंद्र बन चुके हैं। प्रयागराज महाकुम्भ ने इन धार्मिक स्थलों को पंच तीर्थ के रूप में जोड़ दिया है।

विपक्ष ने पहले राम मंदिर का विरोध किया, फिर बोली राम तो सबके हैं – सीएम योगी सीएम योगी ने कहा कि महान कार्यों के प्रति समाज का रवैया तीन चरणों से गुजरता है – उपहास, विरोध और अंततः स्वीकृति। यही हाल राम मंदिर निर्माण और महाकुंभ आयोजन के दौरान भी देखने को मिला। पहले विपक्ष ने तंज कसे, फिर विरोध किया, लेकिन अंततः वे भी इसी आस्था में समर्पित हो गए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं संगम में स्नान कर आए, और नेता प्रतिपक्ष ने खुद को पहले सनातनी बताया, बाद में समाजवादी। यह उनकी स्वीकृति का प्रमाण है।

भारत की आध्यात्मिक शक्ति का विश्व पटल पर हो रहा प्रदर्शन- योगी सीएम योगी ने महाकुंभ की तुलना दुनिया के अन्य धार्मिक आयोजनों से करते हुए कहा कि मक्का में हज के दौरान 1.4 करोड़, वेटिकन सिटी में सालभर में 80 लाख, जबकि अयोध्या धाम में मात्र 52 दिनों में 16 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। इसी तरह, काशी, मथुरा-वृंदावन और अन्य तीर्थों में भी करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे, जिससे यह साबित हुआ कि भारत की सनातन परंपरा केवल धार्मिक मान्यताओं तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व संस्कृति की आधारशिला है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग हर बार महाकुंभ को बदनाम करने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस आयोजन ने हर नकारात्मक प्रचार को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि वामपंथी और समाजवादी महाकुंभ को बदनाम करने में जुटे रहे, लेकिन करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर उनकी नकारात्मकता को नकार दिया। सनातन संस्कृति की ताकत दुनिया ने देखी।करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर सनातन विरोधियों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह वही नया उत्तर प्रदेश है, जिसने आध्यात्मिक पर्यटन को एक नई दिशा दी है और अब पूरी दुनिया सनातन संस्कृति की इस अद्भुत शक्ति का लोहा मान रही है।

सीएम योगी ने गंगाजल की शुद्धता पर सवाल उठाने वालों को दिया करारा जवाब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगाजल की शुद्धता पर सवाल उठाने वालों को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने बताया कि प्रयागराज में वैज्ञानिक डॉ. अजय शुक्ला की लैब और उत्तर प्रदेश व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, गंगाजल स्नान योग्य ही नहीं, बल्कि अल्कलाइन वाटर जितना शुद्ध भी है। वैज्ञानिक परीक्षणों से यह साबित हुआ है कि गंगाजल में स्वयं को शुद्ध बनाए रखने की प्राकृतिक क्षमता है, जो इसे अन्य नदियों से अलग बनाती है। 17 जनवरी को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में संगम क्षेत्र में क्लोरोफॉर्म की मात्रा निर्धारित मानकों के भीतर पाई गई। संगम तट पर इसकी मात्रा 780 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर थी, जबकि वाराणसी की ओर जाने वाले घाटों पर यह 280 तक थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, जल की शुद्धता के तीन प्रमुख मानक—BOD (बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड), COD (केमिकल ऑक्सीजन डिमांड) और फीकल कॉलीफॉर्म—संगम क्षेत्र में पूरी तरह संतुलित पाए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने प्रयागराज महाकुंभ को बदनाम करने के लिए झूठा प्रचार किया, लेकिन करोड़ों श्रद्धालुओं के स्नान के बावजूद गंगा की पवित्रता और शुद्धता सिद्ध हो चुकी है, जो सनातन आस्था की ताकत को दर्शाता है।

विपक्ष भाजपा से विरोध करते-करते भारत विरोधी मानसिकता अपना लेता है- सीएम योगी सीएम योगी ने विपक्ष पर प्रयागराज महाकुंभ को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर झूठा प्रचार किया गया। कुछ लोगों ने दावा किया कि गोरखपुर-बस्ती मंडल के 35 लोग लापता हैं, लेकिन वे सभी सुरक्षित अपने घर लौट आए। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु 12-12 दिन तक कुंभ में घूमते रहे, भंडारों में भोजन किया और आश्रमों में विश्राम किया। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि प्रयागराज का मेडिकल कॉलेज पूरे जनपद का है और कुंभ क्षेत्र अस्थायी जनपद के रूप में कार्य करता है। इसलिए वहां होने वाली किसी भी दुर्घटना या स्वाभाविक मृत्यु की जानकारी मेडिकल कॉलेज में दर्ज होती है। कुछ लोगों ने इस तथ्य को तोड़-मरोड़ कर हजारों मौतों की अफवाह फैलाई, जबकि डिजिटल कुंभ प्रणाली ने 28,000 बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष भाजपा से विरोध करते-करते भारत विरोधी मानसिकता अपना लेता है। कांग्रेस और सपा ने ऐतिहासिक स्थलों के नाम बदलने में भेदभाव किया, सामाजिक न्याय की बात करने वालों ने ही महापुरुषों के नाम हटाए। सरकार ने प्रयागराज में 12 नए स्मारक, 200 सड़कों, 14 फ्लाईओवर और बेहतर कनेक्टिविटी से महाकुंभ को ऐतिहासिक बनाया।

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