UP Anganwadi Recruitment 2026: योगी सरकार का बड़ा फैसला, डिजिटल आंगनवाड़ी की शुरुआत, 5000 भर्ती और 60000 सहायिकाओं को मिलेगा लाभ

Published : Mar 30, 2026, 05:02 PM IST
UP Anganwadi Recruitment 2026

सार

उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी भर्ती 2026 के तहत 65,000 से अधिक पदों पर नियुक्ति होगी। योगी सरकार ने डिजिटल आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य बीमा और पोषण योजनाओं के जरिए महिलाओं और बच्चों के विकास पर जोर दिया है।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि इस वर्ष 5,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और 60,000 से ज्यादा सहायिकाओं की भर्ती का लक्ष्य तय किया गया है। भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) से जोड़ा गया है। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत 3 लाख से अधिक कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को हर साल 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिल रहा है।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और डिजिटल आंगनवाड़ी सिस्टम

सीएम योगी ने कहा कि अब नियुक्ति पूरी तरह पारदर्शी है। बिना सिफारिश और बिना पैसे के नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन और आधुनिक ग्रोथ मॉनिटरिंग उपकरण दिए जा रहे हैं, जिससे पोषण और बाल विकास कार्यक्रमों को डिजिटल और प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि पहले स्मार्टफोन न होने से रियल टाइम डेटा उपलब्ध नहीं हो पाता था, जिससे राज्य की रैंकिंग प्रभावित होती थी। अब सभी जिलों में स्मार्टफोन वितरण किया जा रहा है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और आंगनवाड़ी की बढ़ती भूमिका

मुख्यमंत्री ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत 3 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए प्री-प्राइमरी शिक्षा आंगनवाड़ी केंद्रों में ही संचालित होगी। इससे आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा के 27,000 केंद्र भी अब आंगनवाड़ी को दिए जा रहे हैं, जिससे बच्चों के समग्र विकास में मदद मिलेगी।

आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को ‘यशोदा मैया’ का सम्मान

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को ‘यशोदा मैया’ की उपाधि दी है। जैसे यशोदा ने भगवान कृष्ण की परवरिश की थी, उसी तरह आज आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां बच्चों के भविष्य को संवार रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान बड़ी जिम्मेदारी के साथ आता है और देश के भविष्य को मजबूत बनाने में इनकी अहम भूमिका है।

कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में आंगनवाड़ी की भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर बच्चा स्वस्थ और मां सुपोषित है, तो देश का भविष्य मजबूत होगा। पिछले 9 वर्षों में सरकार ने कुपोषण के खिलाफ कई कदम उठाए हैं। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं इस लड़ाई में मुख्य भूमिका निभा रही हैं, जिससे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

450 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण

सीएम योगी ने बताया कि 137 करोड़ रुपये की लागत से नए आंगनवाड़ी केंद्र बनाए जा रहे हैं। वहीं 313 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के तहत बने केंद्रों और कार्यालयों का उद्घाटन किया गया। यह अभियान ‘सुपोषित-साक्षर-सशक्त भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण है।

कोरोना काल में आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य कर्मियों का योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान आंगनवाड़ी, आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं ने फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की और लोगों तक जरूरी सेवाएं पहुंचाईं, जिससे प्रदेश में कोविड प्रबंधन सफल रहा।

1.70 करोड़ बच्चों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और कुपोषण में कमी

सीएम योगी ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में 1 करोड़ 70 लाख से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। लगभग 1.5 लाख बच्चे कुपोषित पाए गए, जिनमें से 80% को कुपोषण से बाहर निकाला गया। बौनापन की दर 48% से घटकर 37% हो गई है। फेस रिकग्निशन सिस्टम के जरिए हर महीने 1 करोड़ 56 लाख लाभार्थियों को पोषाहार वितरित किया जा रहा है।

2017 से पहले पोषाहार व्यवस्था में भ्रष्टाचार पर हमला

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले पोषाहार वितरण पर माफिया का कब्जा था। कुपोषित बच्चों और माताओं के हक में गड़बड़ी होती थी। अब सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदलकर पारदर्शी बना दिया है, जिससे सही लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है।

भर्ती में पारदर्शिता: बिना सिफारिश मिला रोजगार

सीएम योगी ने कहा कि अब भर्ती प्रक्रिया में न सिफारिश चलती है और न पैसा। पहले ‘पर्ची और खर्ची’ का सिस्टम था, लेकिन अब यह पूरी तरह खत्म हो चुका है। पिछले वर्ष 19,424 कार्यकत्रियों और 2,519 मुख्य सेविकाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए, जिसमें कोई शिकायत नहीं आई।

आंगनवाड़ी केंद्र बन रहे डिजिटल सेवा केंद्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि 69,000 से अधिक कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन दिए जा रहे हैं। इससे रियल टाइम डेटा अपलोड होगा और राज्य की राष्ट्रीय रैंकिंग सुधरेगी। साथ ही, 1.33 लाख से अधिक स्टेडियोमीटर, 58,000 से अधिक वजन मशीन और अन्य उपकरण दिए जा रहे हैं।

स्मार्ट आंगनवाड़ी केंद्र और बेहतर मानदेय योजना

सीएम योगी ने बताया कि 23,647 आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम केंद्र बनाया जा रहा है, जहां एलईडी टीवी, आरओ पानी, न्यूट्रिशन गार्डन और प्री-स्कूल किट जैसी सुविधाएं होंगी। उन्होंने कहा कि जैसे केंद्र स्मार्ट बनेंगे, वैसे ही कार्यकत्रियों का मानदेय भी बढ़ाया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

आउटसोर्सिंग सिस्टम में सुधार और शोषण खत्म करने की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आउटसोर्सिंग कंपनियां कर्मचारियों का शोषण करती थीं। अब सरकार ने इसके लिए कॉर्पोरेशन बनाने का निर्णय लिया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों को उचित मानदेय मिलेगा।

कार्यक्रम में प्रमुख जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी

इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, महापौर सुषमा खर्कवाल, कई विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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