
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने नई रफ्तार पकड़ी है। कभी धीमे विकास और पिछड़ेपन के लिए पहचाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज “एक्सप्रेसवे स्टेट” के रूप में अपनी नई पहचान बना चुका है।
पिछले 9 वर्षों में प्रदेश का एक्सप्रेसवे नेटवर्क 1900 किलोमीटर से अधिक तक पहुंच गया है। यह केवल सड़क निर्माण की उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रदेश में तेजी से हो रहे आर्थिक और औद्योगिक बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजनाओं ने उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदल दिया है। अब गाजीपुर से दिल्ली तक की यात्रा लगभग 10 घंटे में पूरी हो रही है, जबकि मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे ने यात्रा समय को लगभग आधा कर दिया है।
उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को आपस में जोड़ने का काम किया है। इससे लोगों को तेज और बेहतर परिवहन सुविधा मिल रही है। एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के कारण व्यापार, पर्यटन और परिवहन क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिला है। बेहतर सड़क नेटवर्क के चलते माल परिवहन में समय की बचत हो रही है और औद्योगिक गतिविधियां तेज हुई हैं।
योगी सरकार ने एक्सप्रेसवे निर्माण को केवल सड़क परियोजना तक सीमित नहीं रखा है। सरकार सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और स्पीड के ट्रिपल-एस मॉडल के तहत एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक पार्क और क्लस्टर विकसित कर रही है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश में निवेश बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में ये औद्योगिक कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को नई दिशा देंगे।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे अब उत्तर प्रदेश के डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की मजबूत कड़ी बन चुका है। झांसी और चित्रकूट जैसे क्षेत्रों में रक्षा उत्पादन इकाइयों की स्थापना से रोजगार और निवेश के नए अवसर तैयार हुए हैं। इससे बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुले हैं।
वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना को भी एक्सप्रेसवे नेटवर्क का बड़ा फायदा मिला है। कन्नौज का इत्र, कानपुर का चर्म उद्योग और पूर्वांचल के हस्तशिल्प उत्पाद अब तेज परिवहन व्यवस्था के जरिए देश और विदेश के बाजारों तक आसानी से पहुंच रहे हैं। इससे स्थानीय कारोबार और निर्यात गतिविधियों को मजबूती मिली है।
योगी सरकार की बड़ी उपलब्धियों में यह भी शामिल है कि एक्सप्रेसवे का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा। संपर्क मार्गों और ग्रामीण सड़कों के जरिए छोटे शहरों, कस्बों और गांवों को भी इन परियोजनाओं से जोड़ा गया है। इससे किसानों को अपने कृषि और दुग्ध उत्पाद कम समय में बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल रही है। बेहतर परिवहन व्यवस्था के कारण किसानों की आय बढ़ने की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) करीब 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इसके अलावा लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के संभावित निवेश प्रस्ताव उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। प्रदेश में विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क को औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार और आर्थिक प्रगति का बड़ा माध्यम माना जा रहा है।
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