
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विस्तार से चर्चा का प्रस्ताव रखा। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला।
सीएम योगी ने कहा कि इस अधिनियम का संशोधन 2029 में लागू होना था, लेकिन विपक्षी दलों ने लोकसभा में इसका विरोध किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और नेतृत्व कर रही हैं, तो उन्हें राजनीतिक भागीदारी देने में बाधा क्यों डाली जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-निर्धारण और कानून बनाने में भागीदार बनाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में संसद में महिलाओं की भागीदारी करीब 15% है, जबकि यूपी विधानसभा में यह 11-12% के बीच है। यदि 33% आरक्षण लागू होता है, तो महिलाओं को उनके अधिकारों के अनुसार प्रतिनिधित्व मिलेगा और उनके मुद्दों पर प्रभावी चर्चा संभव होगी।
सीएम योगी ने कहा कि 17 अप्रैल को लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ा प्रस्ताव गिराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, डीएमके और टीएमसी ने मिलकर इसका विरोध किया और बाद में इसका जश्न भी मनाया। उन्होंने इसे महिला विरोधी आचरण बताते हुए कहा कि इससे देश और सदन की भावनाएं आहत हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
सीएम योगी ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा था। उन्होंने बताया कि यूपी में 2.61 करोड़ शौचालय बनाए गए, जिससे महिलाओं को खुले में शौच की मजबूरी से मुक्ति मिली। इससे स्वास्थ्य सुधार और सुरक्षा दोनों में फायदा हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में घर महिलाओं के नाम पर दिए गए हैं। देश में 4 करोड़ और यूपी में 65 लाख आवास बनाए गए, जिनमें महिलाओं को मालिकाना हक मिला। इससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
सीएम योगी ने कई योजनाओं का जिक्र किया:
उन्होंने बताया कि इन योजनाओं से लाखों बेटियों को शिक्षा, शादी और रोजगार में मदद मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष हमेशा महिलाओं के सशक्तीकरण के खिलाफ रहा है। उन्होंने शाहबानो केस और तीन तलाक कानून का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य दलों ने महिलाओं के हितों के खिलाफ काम किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के पुराने मामलों और नेताओं के बयानों का भी उल्लेख करते हुए उनकी नीतियों पर सवाल उठाए।
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में महिला सुरक्षा की स्थिति खराब थी। कई गंभीर घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब हालात में सुधार हुआ है। एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया:
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण से ही अपराधों में कमी लाई जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद में एक बात और विधानसभा में दूसरी बात करना विपक्ष की आदत बन गई है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दल अब यहां समर्थन की बात कर रहे हैं, जो उनके आचरण को दर्शाता है।
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