Bareilly-Kasganj Passenger Train Fire: बदायूं के मल्लननगर हॉल्ट के पास बरेली-कासगंज पैसेंजर ट्रेन के इंजन में अचानक आग लग गई। लोको पायलट की सूझबूझ से ट्रेन समय रहते रोक दी गई, जिससे बड़ा रेल हादसा टल गया। यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
सोमवार सुबह उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बरेली-कासगंज पैसेंजर ट्रेन के इंजन में अचानक आग लग गई। घटना मल्लननगर हॉल्ट के पास हुई, जहां ट्रेन कासगंज की ओर जा रही थी। इंजन से धुआं उठता देख यात्रियों में दहशत फैल गई, लेकिन लोको पायलट की सतर्कता और रेलवे कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई से बड़ा रेल हादसा टल गया।
मल्लननगर हॉल्ट के पास धुएं के बाद दिखीं आग की लपटें
जानकारी के मुताबिक, बरेली-कासगंज पैसेंजर ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग पर चल रही थी। इसी दौरान बदायूं के मल्लननगर हॉल्ट के पास इंजन से अचानक धुआं निकलने लगा। कुछ ही देर में इंजन से आग की लपटें भी दिखाई देने लगीं।
हालात की गंभीरता को समझते हुए लोको पायलट ने बिना देर किए ट्रेन को तुरंत रोक दिया और रेलवे कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी। समय रहते लिया गया यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद अहम साबित हुआ।
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ट्रेन रुकते ही यात्रियों में मची अफरा-तफरी
ट्रेन के रुकते ही कई यात्री घबराकर कोचों से नीचे उतर आए। कुछ समय के लिए घटनास्थल पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। हालांकि रेलवे कर्मचारियों और स्थानीय स्टाफ ने यात्रियों को शांत कराया और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की खबर फैलते ही हर कोई जल्द से जल्द ट्रेन से बाहर निकलना चाहता था। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई।
फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी, आरपीएफ और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद इंजन में लगी आग पर काबू पाया। इसके बाद रेलवे की तकनीकी टीम ने इंजन का निरीक्षण शुरू किया।
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह इंजन की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक कारण तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
कुछ देर प्रभावित रहा रेल संचालन
घटना के कारण इस रूट पर कुछ समय के लिए रेल संचालन प्रभावित रहा। बाद में आवश्यक सुरक्षा जांच और तकनीकी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ट्रेनों का संचालन सामान्य किया गया।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
लोको पायलट की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम भूमिका लोको पायलट की सतर्कता की रही। समय रहते ट्रेन रोकने और कंट्रोल रूम को सूचना देने की वजह से आग फैलने से पहले ही स्थिति पर काबू पा लिया गया। यही कारण रहा कि सभी यात्री सुरक्षित रहे और एक संभावित बड़ा रेल हादसा टल गया।
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