प्रयागराज की दिव्य आभा: महाकुंभ 2025 में डूबा शहर

Published : Jan 04, 2025, 11:32 AM IST
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सार

महाकुंभ 2025 के लिए प्रयागराज सज-धज कर तैयार है। थीमैटिक लाइटिंग, कलाकृतियों और बहुभाषी साइनेज से शहर की रौनक देखते ही बनती है। श्रद्धालुओं के लिए यह एक अविस्मरणीय अनुभव साबित होगा।

महाकुम्भ नगर। प्रयागराज में सनातन धर्म के सबसे बड़े समागम महाकुम्भ 2025 को भव्य बनाने के लिए योगी सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। देश और दुनिया से करोड़ों श्रद्धालुओं का यहां पहंचना शुरू हो गया है और जो चीज उन्हें सबसे ज्यादा आकर्षित और गौरव की अनुभूति प्रदान कर रही है वो है यहां सी सजावट। महाकुम्भ के लिए पूरे प्रयागराज को विभिन्न माध्यमों से सजाया गया है। विभिन्न भाषाओं में साइनेजेस लगाए गए हैं, जबकि थीमैटिक लाइटिंग, फसाड लाइटिंग, स्तंभ, थीमैटिक इस्टॉलेशन समेत कलाकृतियों और म्यूरल पेंटिंग्स से शहर की सजावट की जा रही है। महाकुम्भ के दौरान त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने आ रहे श्रद्धालुओं को यह सजावट एक यादगार अनुभव प्रदान कर रही है।

विभिन्न भाषाओं में सुविधाजनक साइनेजेस स्थापित

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे प्रयागराज में बड़ी संख्या में साइनेजेस लगाए गए हैं, जो विभिन्न भाषाओं में हैं। इनमें सिटी एरिया में 610 तो मेला एरिया में 800 साइनेजेस लगाए जा रहे हैं। सिटी एरिया में साइनेज लगाने का काम पूरा हो चुका है, जबकि मेला एरिया में भी 90 प्रतिशत से ज्यादा साइनेज लगाए जा चुके हैं और तेजी से साइनेजेस लगाने का कार्य पूर्ण किया जा रहा है। यह साइनेजेस पीडब्ल्यूडी की ओर से लगाए जा रहे हैं। इनके माध्यम से समस्त भाषायी पर्यटक और श्रद्धालु अपने नियत स्थान पर पहुंचने में सक्षम हो रहे हैं।

सजावट में दिख रही संस्कृति की झलक

इसी तरह, शहर को सजाने के लिए विभिन्न कार्य पूरे हो रहे हैं। इसमें नगर निगम द्वारा थीमैटिक लाइटिंग के कार्य को पूरी गति से अंजाम दिया जा रहा है। पूरे शहर में कुल 3540 थीमैटिक लाइटिंग के पोल्स में से 95 प्रतिशत को लगा दिया गया है। बाकी कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसकी चमक लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। वहीं, पर्यटन विभाग द्वारा सभी 8 लोकेशंस पर फसाड लाइटिंग का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। इस फसाड लाइटिंग से धार्मिक स्थल और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों की आभा दोगुनी हो गई है। सीएंडडीएस द्वारा 84 स्थलों पर स्तंभ लगाए जा रहे हैं, जो 90 प्रतिशत से ज्यादा लग भी चुके हैं। यह स्तंभ सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत कर रहे हैं। वहीं विभाग द्वारा सभी चार स्थलों पर थीमैटिक इंस्टॉलेशन का कार्य भी पूरा कर लिया गया है।

यादगार बन रहा अनुभव

मेला क्षेत्र को अद्भुत छवि देने के लिए प्रयासरत प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से भी विभिन्न सौंदर्यीकरण के कार्य कराए गए हैं। इसमें 15 लाख स्क्वायर फीट से ज्यादा एरिया में कलाकृतियां लगाई गई हैं। कलाकृतियों के साथ-साथ म्यूरल पेंटिंग की जिम्मेदारी भी मेला प्राधिकरण की है, जिसे प्राधिकरण सफलतापूर्वक संचालित कर रहा है। पूरे मेला क्षेत्र समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर कुल 0.33 लाख स्क्वायर फीट में म्यूरल पेंटिंग का कार्य समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। इससे पूरे मेला क्षेत्र की आभा अलग ही दिखाई दे रही है, जो श्रद्धालुओं के अनुभव को यादगार बना रही है।

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