
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के नौ वर्षों में महिला सुरक्षा को लेकर एक मजबूत और बहुआयामी मॉडल तैयार किया गया है। मिशन शक्ति, एंटी रोमियो स्क्वॉड, आधुनिक तकनीक और सख्त कार्रवाई के संयोजन से प्रदेश में कानून-व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आज यूपी महिलाओं और बेटियों के लिए पहले से ज्यादा सुरक्षित वातावरण प्रदान कर रहा है। यही वजह है कि महिला संबंधी मामलों के निस्तारण में प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मिशन शक्ति के तहत हर थाने में विशेष केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों के संचालन के लिए लगभग 40 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। इससे महिलाओं को पुलिस स्तर पर त्वरित सहायता और बेहतर सेवा मिल रही है।
एंटी रोमियो स्क्वॉड ने जमीनी स्तर पर बड़ा असर डाला है। अब तक 5 करोड़ से ज्यादा लोगों की जांच की गई है, 1.85 करोड़ लोगों को चेतावनी दी गई और 38,835 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। यह दर्शाता है कि सरकार अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 वूमेन पावर लाइन, हेल्पलाइन 181, जीआरपी और फायर सर्विस को एक साथ जोड़ा गया है, जिससे त्वरित सहायता प्रणाली विकसित हुई है। आईटीएसएसओ पोर्टल के जरिए यौन अपराधों की जांच को तकनीक से जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ी हैं। मिशन शक्ति केंद्र शुरू होने के बाद सितंबर 2025 से दिसंबर 2025 के बीच अपराधों में कमी आई है। इस दौरान बलात्कार के मामलों में 33.92% और दहेज हत्या में 12.96% की कमी दर्ज की गई।
उत्तर प्रदेश ने महिला संबंधी मामलों के निस्तारण में रिकॉर्ड बनाया है। 98.90% निस्तारण दर के साथ प्रदेश देश में शीर्ष पर है। प्रभावी पैरवी के चलते 32,575 मामलों, 14,111 पॉक्सो मामलों और 4,564 बलात्कार मामलों में दोषियों को सजा दिलाई गई है।
महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस ढांचे का विस्तार भी किया गया है। प्रदेश में 19,839 महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति हुई है और 9,172 महिला बीट बनाई गई हैं। इसके अलावा 3 महिला पीएसी बटालियन सक्रिय हैं और 5 नई प्रस्तावित हैं। साथ ही 134 नए थाने, 86 नई पुलिस चौकियां और 78 महिला परामर्श केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे जमीनी स्तर पर सुरक्षा और मजबूत हुई है।
योगी सरकार के इस मॉडल में सख्ती और संवेदनशीलता दोनों का संतुलन देखने को मिलता है। जहां अपराधियों पर सख्त कार्रवाई होती है, वहीं महिलाओं को त्वरित सहायता, न्याय और भरोसा भी मिलता है।
इस समेकित रणनीति के कारण उत्तर प्रदेश महिला सुरक्षा के क्षेत्र में एक प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। यहां कानून का डर और व्यवस्था पर भरोसा दोनों दिखाई देते हैं। यह मॉडल केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव और विश्वास को भी दर्शाता है।
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