CM धामी ने 13 महिलाओं को तीलू रौतेली व 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। तीलू रौतेली पुरस्कार राशि बढ़ाकर ₹75,000 और आंगनबाड़ी पुरस्कार राशि ₹61,000 की गई। आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय भी बढ़ाया गया है।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार समारोह में प्रदेश की 13 महिलाओं और 35 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मानित किया। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
तीलू रौतेली नारी शक्ति और साहस की प्रतीक
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि तीलू रौतेली जयंती उत्तराखंड के इतिहास और नारी शक्ति के स्वाभिमान के लिए गौरव का अवसर है। वीरांगना तीलू रौतेली अदम्य साहस, पराक्रम और नारी शक्ति की अमर प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरों के साथ-साथ वीरांगनाओं की भूमि भी रही है। जब भी वीरांगनाओं के साहस और पराक्रम की चर्चा होगी, तीलू रौतेली का नाम हमेशा गर्व और सम्मान के साथ लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीलू रौतेली का जीवन स्वाभिमान, साहस और नारी शक्ति के लिए प्रेरणादायी है।
महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और लखपति दीदी जैसी पहल महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उत्तराखंड में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना, उद्यमिता विकास कार्यक्रम और महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज मुक्त ऋण जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि अब 75 हजार रुपये
मुख्यमंत्री धामी ने समारोह के दौरान पुरस्कार राशि बढ़ाने की महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि 31 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये की गई थी। अब इसे बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।
इसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की सम्मान राशि भी 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 61 हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि प्रदेश की मातृशक्ति के सेवा, समर्पण और योगदान के प्रति सरकार के सम्मान का प्रतीक है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में भी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण, स्वास्थ्य और संस्कारों में आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 7,500 रुपये से बढ़ाकर 9,300 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 4,500 रुपये से बढ़ाकर 6,250 रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 3,550 रुपये से बढ़ाकर 5,250 रुपये किया गया है।
इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नति का प्रावधान भी किया गया है।
बेटियों के जन्म से स्वरोजगार तक सरकार साथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और स्वरोजगार तक हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है। मातृशक्ति को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि जब उत्तराखंड की बहनें और बेटियां सशक्त होंगी, तभी प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प पूरा किया जा सकेगा। सरकार प्रदेश की मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए आगे भी लगातार काम करती रहेगी।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव चन्द्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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