ताइक्वांडो खिलाड़ी से मांगी गई ‘रिश्वत’? अब सामने आया पूरा सच, सरकार ने बताई असली कहानी

Published : Aug 12, 2026, 08:14 PM IST
Taekwondo Player Controversy Government Clarifies Bribery Claim Over International Competition Expenses

सार

Taekwondo Player Controversy: उत्तराखंड में ताइक्वांडो खिलाड़ी छात्रा के मामले में सरकार ने ‘रिश्वत मांगने’ के दावे को भ्रामक बताया है। छात्रा को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए करीब 1.50-1.60 लाख रुपये की जरूरत थी। जानिए पूरा मामला और सरकार की सफाई।

देहरादून में एक छात्रा की ताइक्वांडो प्रतियोगिता को लेकर सामने आए विवाद ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने छात्रा ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये की जरूरत का मुद्दा रखा था। इसके बाद मामले को कथित तौर पर इस तरह प्रचारित किया गया कि किसी सरकारी अधिकारी ने छात्रा से पैसे की मांग की।

हालांकि, सरकार की ओर से जारी स्पष्टीकरण में इस दावे को गलत और भ्रामक बताया गया है। सरकार के मुताबिक, उपलब्ध तथ्यों को देखने पर यह मामला किसी सरकारी अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने का नहीं, बल्कि निजी संस्था के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में भाग लेने के खर्च से जुड़ा है।

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छात्रा ने मुख्यमंत्री के सामने क्या मुद्दा रखा था?

युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान CNI गर्ल्स स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा ने मुख्यमंत्री के सामने अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में भाग लेने की अपनी इच्छा और इसके लिए आवश्यक आर्थिक व्यवस्था का विषय रखा था। सरकार के मुताबिक, छात्रा Taekwondo Council of India नाम की निजी संस्था के माध्यम से प्रशिक्षण ले रही थी। इसी संस्था के जरिए उसका अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ था।

प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए यात्रा समेत कुल खर्च करीब 3.70 लाख रुपये बताया गया था। निजी संस्था ने इसमें लगभग 1.70 लाख रुपये का खर्च खुद उठाने की बात कही थी। इसके बाद करीब 1.50 से 1.60 लाख रुपये की व्यवस्था प्रतिभागी की ओर से की जानी थी।

रिश्वत मांगने के दावे पर सरकार की सफाई

सरकार का कहना है कि उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह मामला किसी सरकारी चयन प्रक्रिया से संबंधित नहीं था। न ही किसी सरकारी अधिकारी की ओर से छात्रा से पैसे मांगने का मामला सामने आया है।

स्पष्टीकरण के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान छात्रा कम समय में अपनी पूरी बात विस्तार से नहीं बता सकी, जिससे मामले को लेकर भ्रम की स्थिति बनी। इसके बाद कुछ लोगों ने कथित तौर पर अधूरी जानकारी के आधार पर इसे रिश्वत मांगने के मामले के रूप में पेश किया। हालांकि, यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही की जा सकती है।

छात्रा की प्रतिभा पर राजनीति क्यों?

सरकार ने कहा है कि छात्रा की चिंता और उसकी खेल प्रतिभा का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और राज्य का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलना जरूरी है। वहीं, मामले को लेकर सरकार की ओर से अपील की गई है कि छात्रा से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बनाने के बजाय पूरे तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया जाए। फिलहाल विवाद का केंद्र यही है कि कार्यक्रम में छात्रा ने क्या कहा, आर्थिक जरूरत किस मद के लिए थी और उसे किस संस्था के माध्यम से प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिला था।

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