Uttarakhand CM Helpline: 67 हजार शिकायतों पर CM पुष्कर सिंह धामी सख्त, लंबित शिकायतों पर अधिकारियों को चेतावनी

Published : Jul 30, 2026, 07:36 PM IST
Uttarakhand CM Helpline 1905 pushkar singh dhami review

सार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा में लंबित शिकायतों पर सख्ती दिखाई और अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रदेश के लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और इस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर दर्ज प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जवाबदेही हर स्तर पर तय होनी चाहिए और शिकायतों के निस्तारण में उदासीनता बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पेयजल और जल जीवन मिशन की शिकायतों पर जताई नाराजगी

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेयजल विभाग और जल जीवन मिशन से जुड़ी बड़ी संख्या में प्राप्त शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित मामलों का प्रभावी समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शिकायतों का समय पर निस्तारण नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए बार-बार शिकायत करने की नौबत नहीं आनी चाहिए।

शून्य प्रतिशत कार्रवाई वाले अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जिन अधिकारियों की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में कार्यवाही शून्य प्रतिशत है, उन्हें तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। उन्होंने विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि यदि संबंधित अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों के समाधान में जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है।

लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश

CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जिन शिकायतों का समाधान निर्धारित समय सीमा में नहीं हो पा रहा है, उनकी विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी स्तर पर नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि स्पेशल क्लोज, डिमांड, सजेशन और अन्य श्रेणियों में परिवर्तित की गई शिकायतों की भी गंभीरता से जांच की जाए, ताकि किसी वास्तविक शिकायत की अनदेखी न हो और उसका समाधान प्रभावित न पड़े।

हर सोमवार होगा समाधान दिवस, नियमित सुनवाई पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जन समस्याओं के समाधान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार को जनपद स्तर पर जिलाधिकारी, मंडल स्तर पर दोनों मंडलायुक्त और शासन स्तर पर सभी सचिव समाधान दिवस आयोजित करें। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस केवल औपचारिकता न बनकर जनता की समस्याओं के समाधान का मजबूत मंच बने। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए।

अधिकारियों के नवाचारों की 50 दिन में मांगी रिपोर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि वे अपने सेवाकाल की शुरुआत वाले क्षेत्रों में जनहित से जुड़े नवाचार करें। उन्होंने अब ऐसे सभी नवाचारों की विस्तृत सूची 50 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि इन प्रयासों की समीक्षा की जा सके।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पहले महीने से मिले पेंशन

बैठक में CM धामी ने कार्मिकों की पेंशन व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के बाद पहले ही महीने से पेंशन मिलनी शुरू हो जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं होगी और इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागाध्यक्ष की होगी।

चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत एवं सुचारु बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

भूमि विवादों के शीघ्र निस्तारण पर जोर

मुख्यमंत्री ने भूमि संबंधी विवादों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और लंबे समय से लंबित प्रकरणों का जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर 67 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज

बैठक में सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने हेल्पलाइन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि 18 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 के बीच मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर कुल 67,843 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 20,461 शिकायतों का पूर्ण समाधान किया गया, जबकि 31,363 मामलों में आंशिक निस्तारण हुआ। 7,404 शिकायतें प्रक्रियाधीन हैं और 4,061 शिकायतें अभी लंबित हैं। वहीं 3,738 शिकायतें स्पेशल क्लोज श्रेणी में दर्ज की गई हैं। उन्होंने बताया कि स्पेशल क्लोज की दर घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई है, जो पिछले समय की तुलना में सुधार का संकेत है।

शिकायत निस्तारण समय में सुधार, फीडबैक व्यवस्था भी मजबूत

बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायतों की संख्या बढ़ी है, लेकिन प्रमुख विभागों में शिकायतों के समाधान का औसत समय कम हुआ है। इसके साथ ही शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने और विभागवार मॉनिटरिंग व्यवस्था को भी पहले की तुलना में अधिक मजबूत बनाया गया है।

अगली समीक्षा में गुणवत्ता और संतुष्टि पर होगा फोकस

मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक से पहले अपने-अपने स्तर पर व्यापक समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में केवल शिकायतों की संख्या नहीं देखी जाएगी, बल्कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान, शिकायतकर्ता की संतुष्टि और विभागीय जवाबदेही के आधार पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

CM पुष्कर सिंह धामी ने शिकायतकर्ताओं से फोन पर की बात

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं से सीधे फोन पर बातचीत कर शिकायतों के समाधान की स्थिति की जानकारी भी ली। अल्मोड़ा के मोहम्मद सलमान ने बताया कि कूड़ा निस्तारण से जुड़ी उनकी शिकायत का समाधान हो गया है। उन्होंने नाली निर्माण की समस्या भी बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

टिहरी गढ़वाल के आकाश रमोला ने बताया कि चम्बा की सुमन कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति संबंधी शिकायत का समाधान हो चुका है। वहीं हरिद्वार के जुल्फिकार खान ने राजस्व विभाग से जुड़ी समस्या बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने उधम सिंह नगर के नजम खान और अल्मोड़ा के नंदन सिंह से भी बातचीत की। दोनों शिकायतकर्ताओं ने हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी समस्याओं के संतोषजनक समाधान पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिवगण, अपर सचिवगण, विभागाध्यक्ष और सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

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