
रक्षा बंधन के मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशभर से आई बहनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में बहनों ने सीएम धामी को रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने भी सभी बहनों का आत्मीयता से स्वागत किया और इस स्नेह के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने प्रदेशवासियों को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे की सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति और बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें उत्तराखंड की सेवा करने के साथ-साथ राज्य के विकास के लिए लगातार काम करने की ऊर्जा देता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं सिर्फ परिवार की मजबूत आधारशिला ही नहीं हैं, बल्कि समाज और देश के विकास में भी उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। बदलते दौर में महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में भी अपनी मजबूत भागीदारी निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश भर से आई बहनों ने रक्षा सूत्र बांधा तथा उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने बहनों का आत्मीयता से स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया और सभी प्रदेशवासियों को… pic.twitter.com/dCX1JTqFhJ
— CM Office Uttarakhand (@ukcmo) August 26, 2026
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने महिला सशक्तीकरण से जुड़े कई कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं ने महिलाओं और बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का असर सिर्फ सरकारी सहायता तक सीमित नहीं है। महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए नए अवसर भी मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी प्रदेश की मातृशक्ति को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य सरकार की सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस महिलाओं के लिए रोजगार और अवसर बढ़ाने के साथ-साथ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर भी है। इसके लिए स्वरोजगार, स्वयं सहायता समूह और स्थानीय उत्पादों से जुड़े क्षेत्रों में महिलाओं को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेशभर से आई बहनों ने रक्षा सूत्र बांधा तथा उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी।#Rakshabandhan#Rakhi… pic.twitter.com/V0pnCtVEJt
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मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लखपति दीदी की परिकल्पना को उत्तराखंड में तेजी से आगे बढ़ाया गया है। राज्य में अब तक 3 लाख 9 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों, कृषि, हस्तशिल्प और अलग-अलग स्वरोजगार गतिविधियों के जरिए अपनी आजीविका को मजबूत कर रही हैं। इसका फायदा उनके परिवारों तक पहुंच रहा है और साथ ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका खास है। गांवों में स्थानीय संसाधनों पर आधारित छोटे कारोबार और उत्पादों को बाजार से जोड़कर महिलाएं अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इनमें मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना प्रमुख हैं। इन योजनाओं के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है, ताकि उत्पादों की बिक्री बढ़े और महिलाओं की आय में इजाफा हो।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की पत्नी गीता पुष्कर धामी, विधायक सविता कपूर, विधायक आशा नौटियाल, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट समेत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आई मातृशक्ति मौजूद रही। रक्षा बंधन के इस कार्यक्रम में राजनीतिक औपचारिकताओं से ज्यादा भाई-बहन के रिश्ते और महिला सशक्तीकरण का संदेश नजर आया। मुख्यमंत्री ने भी इस मौके को प्रदेश की महिलाओं के साथ संवाद और उनके योगदान को सम्मान देने के अवसर के तौर पर रखा।
रक्षा बंधन के मौके पर सीएम धामी के संबोधन में महिला सम्मान के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता पर खास जोर रहा। सरकार की ओर से जिन योजनाओं का उल्लेख किया गया, उनका बड़ा हिस्सा महिलाओं को स्वरोजगार, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री का कहना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं तो इसका सीधा असर परिवार और समाज पर पड़ता है। उत्तराखंड में लखपति दीदी अभियान और महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिए इसी दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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