Uttarakhand News: CM पुष्कर सिंह धामी ने 180 नेचर गाइड्स को दिया रोजगार का तोहफा, इको-टूरिज्म से बदलेगी गांवों की तस्वीर

Asianet News   | ANI
Published : Jul 20, 2026, 01:02 PM IST
Uttarakhand News: CM पुष्कर सिंह धामी ने 180 नेचर गाइड्स को दिया रोजगार का तोहफा, इको-टूरिज्म से बदलेगी गांवों की तस्वीर

सार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 180 ट्रेन्ड नेचर गाइड्स को रोजगार प्रमाणपत्र दिए। इको-टूरिज्म, स्थानीय रोजगार और रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को रामनगर में तराई पश्चिम वन प्रभाग के फैंटो जोन में आयोजित एक कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री आवास सभागार से जुड़कर उन्होंने ट्रेन्ड नेचर गाइड्स के लिए आयोजित 'रोजगार पंजीकरण प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम' में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम के दौरान 180 ट्रेन्ड पुरुष और महिला नेचर गाइड्स को रोजगार पंजीकरण सर्टिफिकेट दिए गए।

स्थानीय रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा

सीएम धामी ने सभी युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि ये सर्टिफिकेट सिर्फ रोजगार के कागज नहीं हैं, बल्कि यह युवाओं की स्किल, कड़ी मेहनत और प्रकृति संरक्षण के प्रति उनके समर्पण का सम्मान है। उन्होंने कहा कि नेचर गाइड स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के विजन में भी अपना योगदान दे रहे हैं।

धामी ने इस बात पर खुशी जताई कि सर्टिफिकेट पाने वाले कई गाइड 'रिवर्स माइग्रेशन' के जरिए अपने गांवों में लौटे हैं। उन्होंने कहा कि यह न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता को दिखाता है, बल्कि उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते आत्मविश्वास, समृद्धि और रोजगार के अवसरों का भी प्रतीक है।

फैंटो जोन: इको-टूरिज्म का एक बेहतरीन मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि फैंटो जोन इको-टूरिज्म और कम्युनिटी-बेस्ड टूरिज्म का एक शानदार मॉडल बनकर उभरा है। यहां की समृद्ध जैव विविधता, घने जंगल, शांत वातावरण और भरपूर वन्यजीव देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह जगह टाइगर देखने के लिए तेजी से मशहूर हो रही है, जबकि इलाके में बनाए गए ट्री-हाउस पर्यटकों को प्रकृति के बीच एक अनोखा अनुभव दे रहे हैं। इससे राज्य के लिए राजस्व भी पैदा हो रहा है और स्थानीय लोगों के लिए कमाई के मौके भी बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जंगलों और उसके आसपास रहने वाले समुदायों की तरक्की भी हो। इको-टूरिज्म के जरिए स्थानीय युवाओं, महिलाओं, होमस्टे चलाने वालों, छोटे कारोबारियों, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों, स्थानीय उत्पाद बनाने वालों और ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं।

विकास और रोजगार में राज्य की प्रगति

अपनी सरकार के पांच साल पूरे होने का जिक्र करते हुए धामी ने कहा कि उत्तराखंड ने विकास, सुशासन, रोजगार सृजन और जनकल्याण में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने कहा कि इको-टूरिज्म और नेचर गाइड जैसे कार्यक्रमों से स्थानीय युवाओं को उनके अपने गांवों में सम्मानजनक आजीविका देने में मदद मिल रही है।

राज्य के "मुख्य सेवक" के तौर पर उन्होंने कहा कि उनकी लगातार कोशिश रही है कि युवाओं को उत्तराखंड के भीतर ही रोजगार मिले, वे अपने गांवों में रहें, अपने परिवारों के साथ रहें और राज्य के विकास में योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पर्यटन को पारंपरिक यात्रा से आगे ले जा रही है। इसे रोजगार सृजन, स्वरोजगार, स्थानीय आर्थिक विकास और रिवर्स माइग्रेशन से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि होमस्टे, विंटर टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, इको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, डेस्टिनेशन वेडिंग और आध्यात्मिक पर्यटन के जरिए नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों के चलते रिवर्स माइग्रेशन में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो यह बताता है कि उत्तराखंड के गांव अब केवल यादों की जगह नहीं, बल्कि नए अवसरों के केंद्र बन रहे हैं। धामी ने कहा कि गांवों में रोजगार के अवसर पैदा करने से पलायन को रोकने, पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय व्यवसायों को मजबूत करने और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के सपने को साकार करने में मदद मिलेगी।

नेचर गाइड राज्य के एंबेसडर हैं

नेचर गाइड के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी पर्यटकों को जंगलों में घुमाने से कहीं ज्यादा है। उन्होंने उन्हें उत्तराखंड की पहचान का एंबेसडर, इसके जंगलों का संरक्षक, वन्यजीव संरक्षण में भागीदार और राज्य की संस्कृति, परंपराओं और 'अतिथि देवो भव' की भावना का प्रतिनिधि बताया।

उन्होंने कहा कि नेचर गाइड न केवल आगंतुकों को वन्यजीवों से परिचित कराते हैं, बल्कि उन्हें प्रकृति का सम्मान और संरक्षण करने के लिए भी प्रेरित करते हैं। साथ ही यह जागरूकता भी बढ़ाते हैं कि जंगल और वन्यजीव आने वाली पीढ़ियों के लिए अनमोल संपत्ति हैं।

एक आत्मनिर्भर उत्तराखंड का सपना

मुख्यमंत्री ने सभी नेचर गाइड और उत्तराखंड के लोगों से जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करने, पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने, ग्रामीण समुदायों को समृद्ध करने और स्थानीय युवाओं को स्थायी रोजगार से जोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी और पर्यटन को बढ़ावा देकर उत्तराखंड को देश का अग्रणी और आत्मनिर्भर राज्य बनाने का सरकार का सपना सामूहिक प्रयासों से ही साकार होगा।

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनेटन्यूज एडिटोरियल स्टाफ द्वारा संपादित नहीं किया गया है और यह एक सिंडिकेटेड फ़ीड से प्रकाशित है।)

PREV

उत्तराखंड के तीर्थ-पर्यटन केंद्रों, पहाड़ी इलाकों, मौसम, सरकारी योजनाओं और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी ताज़ा खबरें पढ़ें। देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और पहाड़ी ज़िलों की रिपोर्ट्स के लिए Uttarakhand News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — विश्वसनीय और विस्तृत राज्य कवरेज यहीं।

Read more Articles on

Recommended Stories

Uttarakhand Inclusive Education Mission 2030: उत्तराखंड में शिक्षा का नया मॉडल, Special Children को CM धामी की बड़ी सौगात
Uttarakhand Monsoon: CM पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी