
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कहा कि राज्य में विद्या भारती का शिक्षा नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल प्रदेश में संगठन के 562 विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जहां करीब 1.25 लाख छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्या भारती ने शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कारों और विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री धामी ने विद्या भारती के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन आज राज्य के लगभग हर क्षेत्र तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं लंबे समय तक इस संगठन से जुड़े रहे हैं, इसलिए इसकी कार्यशैली और समर्पण को करीब से जानते हैं। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी विद्या भारती के शिक्षकों और पदाधिकारियों ने समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। आज संगठन के 562 विद्यालयों में लगभग 1.25 लाख विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर रहे हैं, जो इसकी व्यापक पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को हरिद्वार जिले के रुड़की स्थित एक राजकीय माध्यमिक विद्यालय में आयोजित 'प्रतिभा सम्मान समारोह' में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से किया गया था। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को सम्मानित किया और शिक्षा के साथ संस्कारों को भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी राज्य की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक पहचान दिलाने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि अब तक उत्तराखंड के 27 उत्पादों को GI (Geographical Indication) टैग मिल चुका है। इससे इन उत्पादों की अलग पहचान बनी है और स्थानीय किसानों, कारीगरों, हस्तशिल्प से जुड़े लोगों तथा उत्पादकों को बेहतर बाजार, उचित कीमत और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
हमारी सरकार ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य किया है।
इसी क्रम में राज्य के 27 उत्पादों को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग प्राप्त हुआ है। इससे इन उत्पादों की विशिष्ट पहचान स्थापित… pic.twitter.com/33lwniruBf— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 27, 2026
इससे पहले 25 जुलाई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून के त्यागी रोड स्थित एक स्थानीय होटल में आयोजित 'समरसता संकल्प अभियान' की राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल हुए थे। यह कार्यक्रम संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संत रविदास को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी शिक्षाएं आज भी समाज के लिए उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी पहले थीं। उन्होंने कहा कि संत रविदास का जीवन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने समाज को समानता, सामाजिक न्याय, मानवता और सद्भाव का संदेश दिया। अपने विचारों और जीवन मूल्यों के माध्यम से उन्होंने लोगों को छुआछूत, भेदभाव और जातिगत असमानता जैसी सामाजिक बुराइयों से ऊपर उठकर एक समरस समाज बनाने की प्रेरणा दी।
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