CM पुष्कर धामी ने सेवा संकल्प अभियान के तहत हरियाणा जा रहे युवाओं को रवाना किया। युवा वहां की संस्कृति व विकास समझेंगे और उत्तराखंड की पहचान बताएंगे।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित कैंप कार्यालय से ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत हरियाणा की सेवा यात्रा पर जा रहे युवाओं से संवाद किया और उनके दल को रवाना किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से दूसरे राज्यों की संस्कृति, जीवनशैली और विकास के अनुभवों को करीब से समझने के साथ-साथ उत्तराखंड की पहचान को भी देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को देश के अलग-अलग राज्यों को समझने का मौका देते हैं। सिर्फ किताबों या सोशल मीडिया के जरिए नहीं, बल्कि वहां जाकर स्थानीय जीवन, परंपराओं और विकास के कामों को करीब से देखने का अनुभव अलग होता है।
सेवा संकल्प अभियान 2026: युवाओं को देश से जोड़ने की पहल
उत्तराखंड में ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार अभियान में सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत युवाओं, छात्रों, महिलाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को अलग-अलग गतिविधियों से जोड़ने की योजना है। राष्ट्रीय स्तर पर भी यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। इसके तहत सेवा, सुशासन, जनभागीदारी और विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
हरियाणा जा रहे युवाओं को CM धामी का संदेश
हरियाणा की यात्रा पर रवाना हुए युवाओं से मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य केवल एक राज्य से दूसरे राज्य तक जाना नहीं है। इसके पीछे सीखने और अनुभव साझा करने की सोच है। युवा हरियाणा की संस्कृति, रहन-सहन, स्थानीय विशेषताओं, विकास कार्यों और नई पहल को करीब से देखें। वहां किस तरह काम हो रहा है, किन क्षेत्रों में नए प्रयोग किए जा रहे हैं और स्थानीय स्तर पर विकास को कैसे आगे बढ़ाया जा रहा है—इन पहलुओं को समझना यात्रा का अहम हिस्सा होगा। यात्रा से लौटने के बाद इन अनुभवों को उत्तराखंड के संदर्भ में भी देखा जा सकता है। इससे युवाओं को अपने राज्य में मौजूद संभावनाओं और दूसरे राज्यों में अपनाए जा रहे बेहतर तरीकों के बीच तुलना करने का अवसर मिलेगा।
Uttarakhand Culture को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने युवा क्रिएटर्स से खास तौर पर कहा कि वे इस यात्रा को उत्तराखंड की संस्कृति और पहचान को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने के माध्यम के रूप में भी देखें। उत्तराखंड की लोक परंपराएं, लोक संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और यहां की विशिष्ट जीवनशैली देशभर में अपनी अलग पहचान रखती है। यात्रा के दौरान युवा क्रिएटर्स हरियाणा के लोगों को उत्तराखंड की इन विशेषताओं से परिचित कराने का काम भी करें। इसमें उत्तराखंड के लोकगीत-संगीत, पारंपरिक संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, स्थानीय परंपराओं और राज्य में मौजूद विकास की संभावनाओं को नए तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है।
Youth Exchange से मिलेगा राज्यों को समझने का मौका
ऐसी यात्राओं का एक बड़ा पक्ष युवा संवाद और अनुभवों का आदान-प्रदान भी है। अलग-अलग राज्यों के युवाओं के बीच बातचीत से स्थानीय स्तर की समस्याओं, उनके समाधान और काम करने के नए तरीकों की जानकारी मिल सकती है। सेवा संकल्प अभियान के तहत युवाओं और इनोवेटर्स को जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। हरियाणा में अभियान के दौरान Innovation Challenge जैसे कार्यक्रमों के जरिए छात्रों, स्टार्टअप्स, प्रोफेशनल्स और ग्रासरूट इनोवेटर्स को अपने विचार सामने रखने का मंच दिया जा रहा है। उत्तराखंड से हरियाणा जाने वाले युवा इस तरह की पहलों को भी करीब से देख सकते हैं। इससे सेवा, नवाचार और युवा भागीदारी के नए मॉडल समझने का अवसर मिलेगा।
उत्तराखंड की विकास संभावनाओं को भी मिलेगी जगह
मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर भी रहा कि युवा सिर्फ दूसरे राज्यों से सीखकर वापस न आएं, बल्कि उत्तराखंड की संभावनाओं को भी देश के सामने रखें। उत्तराखंड के लिए पर्यटन, प्राकृतिक संसाधन, स्थानीय उत्पाद, संस्कृति, लोक कला, जैविक और पारंपरिक कृषि तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्र अहम हैं। युवा क्रिएटर्स इन विषयों को अपनी यात्रा के दौरान कहानी, वीडियो और दूसरे डिजिटल माध्यमों से सामने ला सकते हैं।
इस तरह एक तरफ दूसरे राज्य की अच्छी पहल और कार्यशैली को समझने का मौका मिलेगा, तो दूसरी तरफ उत्तराखंड की अलग पहचान और संभावनाओं को भी व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाया जा सकेगा।
सेवा संकल्प अभियान में जनभागीदारी पर फोकस
उत्तराखंड में अभियान के लिए 11 प्रमुख कार्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘मेरे सपनों का भारत-मेरा संकल्प’, ‘आंगन मिलन सेवा’ और ‘सेवा सेतु अभियान’ जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। अभियान का उद्देश्य अलग-अलग वर्गों को जनभागीदारी से जोड़ना और विकास तथा जनकल्याण से जुड़े कामों की जानकारी लोगों तक पहुंचाना है। इसी व्यापक अभियान की कड़ी के रूप में युवाओं की हरियाणा यात्रा को देखा जा रहा है। इसमें यात्रा, सेवा, सीखने और सांस्कृतिक संवाद—चारों पहलुओं को जोड़ने की कोशिश है।


