Somnath Yatra: CM धामी ने 700 भक्तों की स्पेशल ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, कहा- यह राष्ट्र के गौरव से जुड़ने का मौका

Published : Jul 14, 2026, 09:14 PM IST
Somnath Yatra: CM धामी ने 700 भक्तों की स्पेशल ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, कहा- यह राष्ट्र के गौरव से जुड़ने का मौका

सार

उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के लिए देहरादून से एक स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस ट्रेन से 700 श्रद्धालु सोमनाथ जा रहे हैं। CM ने कहा कि यह छह दिन की यात्रा देश के गौरव और सनातन परंपराओं से जुड़ने का एक जरिया है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के मौके पर देहरादून के हर्रावाला रेलवे स्टेशन से वेरावल (सोमनाथ) के लिए एक स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

सोमवार को श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक तीर्थयात्रा नहीं है, बल्कि देश के गौरव, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं से जुड़ने का एक शक्तिशाली माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर खुशी जताई कि इस छह दिन की तीर्थयात्रा में समाज के अलग-अलग तबकों के करीब 700 श्रद्धालु हिस्सा ले रहे हैं। इस ग्रुप में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाएं, सरकार की अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी, संत समाज के सदस्य और विभिन्न सामाजिक समूहों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

राष्ट्रीय गौरव और आस्था की यात्रा

संस्कृति विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए उन्होंने भगवान सोमनाथ और बाबा केदारनाथ से सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षित, सुखद और सफल यात्रा के लिए प्रार्थना की। धामी ने कहा कि यह तीर्थयात्रा भारत की हजारों साल पुरानी सनातन परंपरा, गौरवशाली विरासत और राष्ट्रीय गौरव से फिर से जुड़ने का एक मौका देती है।

बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे भारत की अटूट आस्था, जुझारूपन और पुनरुत्थान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि बार-बार के हमलों और विनाश के बावजूद, सोमनाथ ने दुनिया को दिखाया है कि भारत हर चुनौती के बाद और ज्यादा मजबूत होकर उभरता है। उन्होंने आगे कहा कि 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव करने का एक अनूठा मौका देता है।

PM मोदी की अगुवाई में सांस्कृतिक पुनर्जागरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश एक अभूतपूर्व सांस्कृतिक पुनर्जागरण देख रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या और सोमनाथ से लेकर केदारनाथ, काशी विश्वनाथ, महाकाल और बद्रीनाथ धाम तक, मंदिरों के बड़े पैमाने पर जीर्णोद्धार और विकास ने भारत की सांस्कृतिक विरासत में नई ऊर्जा भर दी है।

उन्होंने कहा कि मंदिर सिर्फ पूजा की जगहें नहीं हैं, बल्कि भारत की सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं की जीवन रेखा हैं। उन्होंने आगे कहा कि दशकों तक नजरअंदाज किए गए धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत स्थलों को अब वह सम्मान और पहचान मिल रही है, जिसके वे हकदार हैं। यह बदलते भारत की सोच को दिखाता है।

उत्तराखंड: एक आध्यात्मिक राजधानी बनने की ओर

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड सरकार देवभूमि उत्तराखंड को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि केदारखंड और मानसखंड मंदिर सर्किट में सौंदर्यीकरण और विकास के काम चल रहे हैं। इसके साथ ही हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ का भी जीर्णोद्धार किया जा रहा है।

उन्होंने हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी बड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर भी प्रकाश डाला।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास पर रिसर्च और गहरी स्टडी को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की गई है।

'देवभूमि' की पहचान बचाने की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल पहचान को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में सरकार ने धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू किए हैं।

उन्होंने आगे बताया कि 13,000 एकड़ से ज्यादा सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। उन्होंने इस अभियान को सिर्फ जमीन वापस लेने की कवायद नहीं, बल्कि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और पवित्रता की रक्षा का एक प्रयास बताया। उन्होंने यह भी कहा कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान न्याय सुनिश्चित करने के लिए राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई है।

शिक्षा क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 250 से ज्यादा अवैध मदरसों पर ताला लगा दिया गया है और मदरसा बोर्ड की जगह उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की गई है, ताकि शिक्षा को राष्ट्र-निर्माण का एक मजबूत जरिया बनाया जा सके।

तीर्थयात्री उत्तराखंड के ब्रांड एंबेसडर

धामी ने कहा कि सरकार का विजन एक ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां आधुनिक विकास और सनातन संस्कृति एक साथ आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास जताया कि लोगों के आशीर्वाद और समर्थन से यह विजन निश्चित रूप से हासिल होगा।

सभी तीर्थयात्रियों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे आग्रह किया कि वे जहां भी जाएं, वहां 'अतिथि देवो भव' की संस्कृति, मूल्यों और भावना का प्रतिनिधित्व करें।

उन्होंने कहा कि भक्त केवल दर्शन के लिए सोमनाथ नहीं जा रहे हैं, बल्कि वे उत्तराखंड की आध्यात्मिक चेतना, समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के ब्रांड एंबेसडर भी हैं। उन्होंने तीर्थयात्रियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा के दौरान अपने आचरण, व्यवहार और मूल्यों के माध्यम से राज्य की सकारात्मक पहचान को मजबूत करें।

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