
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने का अभियान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सड़कों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य आम लोगों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराना है। बारिश के बाद पहाड़ी इलाकों में सड़कों को नुकसान पहुंचने की समस्या सामने आती है। कई जगह गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से वाहन चालकों के लिए परेशानी पैदा करते हैं। ऐसे में रुद्रप्रयाग में चल रहा मरम्मत अभियान स्थानीय लोगों के साथ-साथ तीर्थयात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। रुद्रप्रयाग जिले में भी इन निर्देशों के तहत क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे पहले जिला प्रशासन ने 15 अक्टूबर तक जिले की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया था। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अधिकारियों को मरम्मत कार्य की योजना तैयार करने, जरूरी टेंडर प्रक्रिया पूरी करने और काम की निगरानी करने के निर्देश दिए थे।
जनपद रुद्रप्रयाग में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने का अभियान तेज, आमजन को सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा देने के लिए सड़कों की मरम्मत युद्धस्तर पर जारी।
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— CM Office Uttarakhand (@ukcmo) October 15, 2026
अभियान के तहत उन सड़कों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां गड्ढों के कारण आवाजाही में ज्यादा परेशानी होती है। मरम्मत कार्य के साथ उसकी गुणवत्ता पर निगरानी रखने की व्यवस्था भी की गई है। जिला प्रशासन ने पहले ही अधिकारियों को महत्वपूर्ण और अधिक क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके अलावा मरम्मत के काम की गुणवत्ता और प्रगति की जांच के लिए रिपोर्ट लेने के निर्देश भी दिए गए थे। सड़क की मरम्मत सिर्फ गड्ढे भरने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क की मजबूती, जल निकासी और मरम्मत की गुणवत्ता भी मायने रखती है। इन पहलुओं पर ध्यान देने से सड़कें लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रह सकती हैं।
रुद्रप्रयाग उत्तराखंड का महत्वपूर्ण पहाड़ी जिला है। यहां स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही के साथ धार्मिक पर्यटन और चारधाम यात्रा से जुड़े यातायात का भी विशेष महत्व है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति लोगों की यात्रा को प्रभावित कर सकती है। सितंबर 2026 में जिले के प्रशासन ने सभी सड़कों को 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य घोषित किया था। अभियान में खराब सड़कों की पहचान, मरम्मत और काम की गुणवत्ता की निगरानी को प्राथमिकता दी गई। अब इस अभियान की सफलता इस बात से भी तय होगी कि मरम्मत के बाद सड़कें कितने समय तक अच्छी स्थिति में बनी रहती हैं। लोगों को राहत तभी मिलेगी, जब गड्ढे भरने के साथ सड़क की गुणवत्ता और नियमित रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाएगा।
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