
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीपावली से पहले प्रदेश के करीब 10 लाख पेंशन लाभार्थियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने अक्टूबर 2026 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन की धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। इस दौरान कुल 9,99,484 लाभार्थियों के खातों में 148 करोड़ 18 लाख 84 हजार 500 रुपये भेजे गए।
मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से जारी की गई। इसमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन समेत समाज कल्याण विभाग की अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं।
CM धामी ने 10 लाख लाभार्थियों के खाते में भेजे ₹148 करोड़ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं के जरिए पात्र लोगों को आर्थिक मदद दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि कोई भी पात्र व्यक्ति इन योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए पेंशन की राशि समय पर और पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
अक्टूबर 2026 के लिए जारी की गई पेंशन में सबसे ज्यादा लाभार्थी वृद्धावस्था पेंशन योजना के हैं। इसके अलावा विधवा और दिव्यांग पेंशन के तहत भी बड़ी संख्या में लोगों के खातों में धनराशि भेजी गई। योजना के अनुसार लाभार्थियों और जारी की गई राशि का विवरण इस प्रकार है।
| पेंशन योजना | लाभार्थियों की संख्या | जारी राशि |
| वृद्धावस्था पेंशन | 6,24,616 | ₹93.69 करोड़ |
| विधवा पेंशन | 2,39,527 | ₹35.93 करोड़ |
| दिव्यांग पेंशन | 89,971 | ₹13.50 करोड़ |
| किसान पेंशन | 27,092 | विवरण अलग से नहीं |
| परित्यक्ता पेंशन | 8,442 | विवरण अलग से नहीं |
| भरण-पोषण अनुदान | 7,461 | विवरण अलग से नहीं |
| तीलू रौतेली पेंशन | 2,248 | विवरण अलग से नहीं |
| बौना पेंशन | 127 | विवरण अलग से नहीं |
| कुल | 9,99,484 | ₹148.18 करोड़ |
मुख्यमंत्री धामी ने पेंशन योजनाओं से जुड़ी एक अहम व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था और दिव्यांगता के कारण कई लोगों को पेंशन के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार कराने और दूसरी औपचारिकताएं पूरी करने में परेशानी होती थी। इस समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर विशेष प्रावधान किए गए हैं। इनके तहत करीब 7 हजार लाभार्थियों को आधार कार्ड नहीं होने के बावजूद पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह है कि दस्तावेजों की परेशानी के कारण कोई जरूरतमंद व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से बाहर न रह जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था से पेंशन की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है और अनावश्यक देरी की आशंका भी कम हुई है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार वृद्धजनों के सम्मान, विधवा महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण को प्राथमिकता दे रही है। पेंशन योजनाएं जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहारा देने के साथ उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने में मदद करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की धनराशि हर महीने समय पर लाभार्थियों के खातों में पहुंचे। दीपावली से पहले अक्टूबर महीने की पेंशन जारी करने के लिए भी विशेष प्रयास किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेंशन योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता बनाए रखी जाए और पात्र लाभार्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का असली उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ सही समय पर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों और पेंशन लाभार्थियों को दीपावली, धनतेरस, भैयादूज और गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने सभी के अच्छे स्वास्थ्य, सुख-शांति और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री खजान दास भी मौजूद रहे। इसके अलावा अपर सचिव विक्रम यादव, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया, समाज कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव धीरेन्द्र सिंह, संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल और सहायक निदेशक हेमलता पाण्डेय भी उपस्थित थे।
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