Uttarakhand News: CM धामी ने किया रणजीत सिंह वर्मा पर पुस्तक का विमोचन, याद किया राज्य आंदोलन का संघर्ष

Published : Nov 05, 2026, 06:42 PM IST
ranjit singh verma book launch cm pushkar singh dhami

सार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में राज्य आंदोलन के जननायक रणजीत सिंह वर्मा पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया और उनके संघर्ष को याद किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अग्रणी नेता और पूर्व विधायक स्व. रणजीत सिंह वर्मा के जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य निर्माण आंदोलन में वर्मा के संघर्ष, योगदान और जनसेवा को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक सिर्फ एक व्यक्ति की जीवनी नहीं, बल्कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन के संघर्ष, त्याग और बलिदान का दस्तावेज है। इससे नई पीढ़ी को राज्य निर्माण के इतिहास और आंदोलनकारियों के योगदान को समझने का मौका मिलेगा।

CM Dhami ने रणजीत सिंह वर्मा पर लिखी पुस्तक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पुस्तक ‘रणजीत सिंह वर्मा : उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन की निर्णायक लड़ाई के एक जननायक’ का विमोचन किया। यह पुस्तक उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अग्रणी सेनानी और जननेता स्व. रणजीत सिंह वर्मा के जीवन पर आधारित है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्व. वर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने के आंदोलन में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने पुस्तक तैयार करने के लिए वरिष्ठ साहित्यकार गंभीर सिंह पालनी और अजय वर्मा के प्रयासों की सराहना की। धामी ने कहा कि इस पुस्तक में एक ऐसे जननायक के जीवन और संघर्ष को दर्ज किया गया है, जिन्होंने पृथक उत्तराखंड राज्य की मांग को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया। यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों को राज्य आंदोलन के इतिहास, आंदोलनकारियों के संघर्ष और उनके त्याग के बारे में जानकारी देगी।

पृथक उत्तराखंड राज्य की लड़ाई में रणजीत सिंह वर्मा की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन लंबे संघर्ष और हजारों आंदोलनकारियों के त्याग का परिणाम है। अलग राज्य का निर्माण केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं था, बल्कि लाखों लोगों की आकांक्षाओं और जनभावनाओं की जीत थी। उन्होंने बताया कि स्व. रणजीत सिंह वर्मा ने पृथक उत्तराखंड की मांग को जन-जन तक पहुंचाने और लोगों को आंदोलन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अलग राज्य की आवाज को मजबूती देने के साथ आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने के लिए भी काम किया।

बंद, चक्का जाम और जेल भरो आंदोलन का किया नेतृत्व

सीएम धामी ने कहा कि रणजीत सिंह वर्मा उत्तराखंड संयुक्त संघर्ष समिति के देहरादून जिला अध्यक्ष के रूप में सक्रिय रहे। उन्होंने अलग-अलग संगठनों और आंदोलनकारियों को एक मंच पर लाने का काम किया और आंदोलन को नेतृत्व दिया। वर्ष 1995-96 और इसके बाद भी उन्होंने देहरादून में राज्य आंदोलन को लगातार सक्रिय बनाए रखा। बंद, चक्का जाम, जेल भरो और रेल रोको जैसे आंदोलनों में उनकी अहम भूमिका रही। इन आंदोलनों के जरिए उन्होंने पृथक उत्तराखंड राज्य की मांग को और मजबूती दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि डोईवाला के प्रेमनगर बाजार में स्थित अपनी ससुराल को भी रणजीत सिंह वर्मा ने आंदोलन का केंद्र बनाया था। यहां पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले आंदोलनकारियों के ठहरने और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं में सहयोग किया जाता था।

खटीमा, मसूरी और मुजफ्फरनगर की घटनाओं को किया याद

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान खटीमा, मसूरी और मुजफ्फरनगर में हुई घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं राज्य आंदोलन के इतिहास के सबसे पीड़ादायक अध्यायों में शामिल हैं। आंदोलनकारियों को कई तरह की कठिनाइयों और यातनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा। उनके संघर्ष और बलिदान का ही परिणाम रहा कि 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड देश के 27वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।

दो बार विधायक रहे रणजीत सिंह वर्मा, राज्य गठन के बाद नहीं लड़ा चुनाव

सीएम धामी ने स्व. रणजीत सिंह वर्मा के राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वह अविभाजित उत्तर प्रदेश की मसूरी विधानसभा सीट से दो बार विधायक चुने गए थे। हालांकि, उनके लिए अलग उत्तराखंड राज्य का सपना राजनीतिक पद से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण था। राज्य गठन के बाद उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा और खुद को सामाजिक कार्यों में सक्रिय रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जीवन सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता और बिना किसी स्वार्थ के जनसेवा करने की प्रेरणा देता है।

आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाना सरकार की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। इसके साथ ही उनके सपनों के अनुरूप उत्तराखंड का निर्माण करना भी हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, मातृशक्ति आत्मनिर्भर बने और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

धामी ने कहा कि विकसित और समृद्ध उत्तराखंड का निर्माण ही स्व. रणजीत सिंह वर्मा और राज्य निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले सभी आंदोलनकारियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने राज्य आंदोलन के शहीदों को नमन किया और सभी आंदोलनकारियों के योगदान के लिए आभार जताया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, हंस फाउंडेशन की संस्थापक माता मंगला, वरिष्ठ साहित्यकार गंभीर सिंह पालनी, अजय वर्मा सहित कई राज्य आंदोलनकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

PREV

उत्तराखंड के तीर्थ-पर्यटन केंद्रों, पहाड़ी इलाकों, मौसम, सरकारी योजनाओं और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी ताज़ा खबरें पढ़ें। देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और पहाड़ी ज़िलों की रिपोर्ट्स के लिए Uttarakhand News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — विश्वसनीय और विस्तृत राज्य कवरेज यहीं।

Read more Articles on

Recommended Stories

CM Dhami News: उत्तराखंड के पेंशनधारकों को दिवाली गिफ्ट, आधार कार्ड नहीं तो भी मिलेगी पेंशन
Uttarakhand DA Hike: CM धामी का तोहफा, राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3% बढ़ा