कौन थीं Eunice Newton Foote, जिनकी याद में गूगल ने बनाया आज का डूडल, जानें

Published : Jul 17, 2023, 10:31 AM ISTUpdated : Jul 17, 2023, 10:45 AM IST
Eunice Newton Foote

सार

ग्लोबल वॉर्मिंग ने आज पूरी दुनिया को चिंता में डालकर रखा है। कार्बन उत्सर्जन की वजह से धरती लगातार गर्म हो रही है। इसी से बचने के लिए साइंटिस्ट लगातार जुटे हुए हैं। इन्हीं वैज्ञानिकों में से एक थीं यूनिस न्यूटन फुटे।

टेक डेस्क : आज क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वॉर्मिंग सबसे बड़ा खतरा है। पूरी दुनिया इससे बचने के तरीकों की खोज में जुटी है। कार्बन उत्सर्जन को कम करने की कोशिश की जा रही है। इसी खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली अमेरिकी साइंटिस्ट Eunice Newton Foote की याद में आज Google ने अपना Doodle बनाया है। वैज्ञानिक यूनिस न्यूटन फुटे का 204वां जन्मदिन (Eunice Newton Foote's 204th Birthday) मनाया जा रहा है। यूनिस का सबसे बड़ा योगदान ग्रीन हाउस प्रभाव (Green House Effect) की खोज में बताया जाता है। सबसे पहले उन्होंने ही इसके बारे में पता लगाया था कि आखिर ये ग्रीन हाउस इफेक्ट होता क्या है? धरती के लगातार गर्म होने में इसकी क्या भूमिका है?

Eunice Newton Foote कौन थीं

गूगल के अनुसार, यूनिस न्यूटन फुटे का जन्म 17 जुलाई, 1819 को कनेक्टिकट में हुआ था। ट्रॉय फीमेल सेमिनरी नाम के स्कूल से उनकी पढ़ाई हुई। यह स्कूल अपने स्टूडेंट्स को साइंस लेक्चर अटेंड करने और केमिस्ट्री लैब में पार्टिसिपेट करने को लेकर काफी फेमस हुआ करता था। स्कूल के इसी प्रोत्साहन से साइंस और इससे जुड़ी खोज साइंटिस्ट फुटे की लाइफ का हिस्सा बन गए। इतना ही नहीं यूनिस न्यूटन फुटे ने तब के समय महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी कई काम किए। 1848 में उन्होंने सिनेसा फॉल्स में पहला विमेन राइट्स कन्वेंशन अटेंड किया था।

यूनिस न्यूटन फुटे की खोज कितनी महत्वपूर्ण

साइंटिस्ट फुटे ने उस समय ग्रीन हाउस इफेक्ट्स की खोज की, जब महिलाओं का साइंस से दूर-दूर तक कोई लेना देना ही नहीं होता था। उन्हें साइंस और इससे जुड़ी खोजों के लायक नहीं समझा जाता था। उस दौर में यूनिस न्यूटन फुटे ने ग्लास सिलेंडर के अंदर पारा थर्मोमीटर रखा और पता लगाया कि जिस सिलेंडर में कार्बन डाइऑक्साइड थी, वह सूर्य की रोशनी में सबसे ज्यादा गर्म हुआ। मतलब जितना ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड, उतनी ही ज्यादा गर्मी।

दो खोज करने वाली इकलौती महिला साइंटिस्ट

फुटे की यही खोज आज ग्लोबल वॉर्मिंग को लेकर बताती है कि किस तरह कार्बन उत्सर्जन धरती को तेजी से गर्म कर रहा है। जिसका खतरनाक इफेक्ट क्लाइमेट चेंज के रूप में देखने को मिल रहा है। इसके बाद यूनिस न्यूटन फूटे की दूसरी खोज थी एटमॉस्फेरिक स्टेटिक इलेक्ट्रिसिटी...अमेरिका में ये दोनों ही पहली ऐसी खोज थी, जिसे किसी महिला साइंटिस्ट ने की थी। 1856 में एक साइंटिस्ट ने उनके काम को अमेरिकी एसोसिएशन फॉर एडवांसमेंट ऑफ साइंस में पेश किया। उसके बाद ग्रीन हाउस पर कई एक्सपेरिमेंट हुए और समझा गया कैसे कार्बन डाइऑक्साइ़ड सूरज की गर्मी को धरती पर रोककर धरती के तापमान को बढ़ा रहा है।

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