
दुनिया की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक थी टाइटैनिक का डूबना। टाइटैनिक के डूबने के समय पानी -2 डिग्री सेल्सियस था। विशेषज्ञों का कहना है कि एक इंसान के लिए 15 मिनट से ज्यादा इस तापमान पर जिंदा रहना नामुमकिन है। अटलांटिक महासागर के पानी के तापमान के बारे में लोगों को समझाने और जहाज के डूबने पर उसमें सवार यात्रियों को कैसा महसूस हुआ होगा, इसका अनुभव कराने के लिए एक म्यूजियम बनाया गया है। अमेरिका के टेनेसी में स्थित टाइटैनिक म्यूजियम में यह अनोखा अनुभव दर्शकों का इंतजार कर रहा है।
टाइटैनिक म्यूजियम में 400 से ज्यादा असली टाइटैनिक स्मृति चिन्हों का संग्रह है। म्यूजियम का डिजाइन खुद RMS टाइटैनिक जैसा है। इसके अलावा, दर्शकों को टाइटैनिक का वास्तविक अनुभव प्रदान करने के लिए कई सुविधाएं भी यहां उपलब्ध हैं। टाइटैनिक जहाज के कमरों की प्रतिकृतियां यहां रखी गई हैं। जहाज पर सवार असली यात्री के नाम वाला एक बोर्डिंग पास यहां का एक और यादगार नजारा है। इस हादसे में मारे गए 2,208 लोगों को श्रद्धांजलि देने वाला टाइटैनिक मेमोरियल रूम म्यूजियम का एक अन्य प्रमुख आकर्षण है।
22,000 वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में फैले इस म्यूजियम का एक अन्य प्रमुख आकर्षण एक विशेष तापमान पर रखा गया पानी है। टाइटैनिक के डूबने वाली रात को अटलांटिक महासागर में जो पानी का तापमान था, उसे हूबहू यहां संरक्षित रखा गया है। म्यूजियम में आने वाले लोग इस पानी को छूकर उस दिन हादसे का शिकार हुए लोगों का दर्द महसूस कर सकते हैं। 1912 में 15 अप्रैल को अटलांटिक महासागर के पानी का तापमान -2° सेल्सियस था और इसी तापमान पर पानी को म्यूजियम में रखा गया है।
अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें म्यूजियम देखने आए तीन लोग इस खास पानी में हाथ डालकर अपना अनुभव बता रहे हैं। तीनों लोग कुछ ही सेकंड में पानी में हाथ डालकर तुरंत बाहर निकाल लेते हैं। इस अनुभव को उन्होंने असहनीय बताया।
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