गुजरात: गौशाला को बनाया कोविड सेंटर, गाय के दूध और मूत्र से हो रहा इलाज, ऑक्सीजन की भी व्यवस्था

Published : May 10, 2021, 01:35 PM ISTUpdated : May 10, 2021, 02:39 PM IST
गुजरात: गौशाला को बनाया कोविड सेंटर, गाय के दूध और मूत्र से हो रहा इलाज, ऑक्सीजन की भी व्यवस्था

सार

कोरोना महामारी की दूसरी लहर में गुजरात के बनासकांठा जिले में एक गौशाला में कोविड के रोगियों का इलाज चल रहा है। गांव का नाम टेटोडा है। यहां गौशाला के अंदर कोविड -19 देखभाल केंद्र बनाया गया है। एलोपैथी के अलावा गाय के दूध और मूत्र से बनी आयुर्वेदिक दवाओं से संक्रमण का इलाज किया जा रहा है।

नई दिल्ली. कोरोना महामारी की दूसरी लहर में गुजरात के बनासकांठा जिले में एक गौशाला में कोविड के रोगियों का इलाज चल रहा है। गांव का नाम टेटोडा है। यहां गौशाला के अंदर कोविड -19 देखभाल केंद्र बनाया गया है। एलोपैथी के अलावा गाय के दूध और मूत्र से बनी आयुर्वेदिक दवाओं से संक्रमण का इलाज किया जा रहा है। 

मुफ्त में दिया जा रहा है इलाज

वेदलक्षन पंचगव्य आयुर्वेद कोविड आइसोलेशन सेंटर नाम की इस जगह पर फ्री में इलाज किया जा रहा है। केंद्र के निदेशक रामरतन महाराज ने कहा कि वे कोविड रोगियों का इलाज करने के लिए पंचगव्य आयुर्वेदिक थेरेपी का इस्तेमाल किया जा रहा है। मरीजों को गोमूत्र, घी और गाय के दूध से बनी दवाइयां दी जाती हैं। उन्हें गोबर से बनी खाद के साथ उगाया गया अनाज भी दिया जाता है।

ऑक्सीजन के लिए क्या व्यवस्था?

महाराज ने कहा कि वातावरण में ऑक्सीजन का लेवल बनाए रखने के लिए हवन और पूजाकिए जाते हैं। जिन मरीजों का ऑक्सीजन लेवल 80 तक गिर जाता है उन्हें कोविड सेंटर में प्राथमिकता के आधार पर भर्ती किया जाता है। यहां मेडिकल ऑक्सीजन भी है। आइसोलेशन सेंटर में एक एलोपैथिक डॉक्टर, एक आयुर्वेदिक डॉक्टर और पांच नर्सें हैं जो मरीजों को स्वस्थ्य करने के लिए लगातार लगी रहती है। केंद्र का मानना ​​है कि एलोपैथी के साथ आयुर्वेदिक उपचार करने से ज्यादा फायदा होगा। मरीजों के कमरों को ठंडा रखने के लिए चारों ओर घास लगाई गई हैं। 

गौशाला में 5 हजार गायें हैं

गौशाला में 5,000 गायें हैं, जिनमें से 90 दूध देती हैं। केंद्र में 50 बेड हैं और वर्तमान में 40 पर मरीज हैं। अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल के सहायक अधीक्षक डॉक्टर राकेश जोशी ने कहा, इस तरह के केंद्र उन लोगों के लिए सही है जिनमें हल्के कोविड -19 के लक्षण हैं। हालांकि, गौशाला में जिन आयुर्वेदिक से कोविड रोगियों का इलाज किया जा रहा है वह एलोपैथिक की जगह नहीं ले सकता है। डॉक्टर तालगानी पारेख ने कहा कि गौशाला में आइसोलेट करना उन रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है जिन्हें घर पर आइसोलेट नहीं किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि गंभीर मामलों का इलाज केवल एक डॉक्टर के जरिए ही किया जाना चाहिए।

Asianet News का विनम्र अनुरोधः आईए साथ मिलकर कोरोना को हराएं, जिंदगी को जिताएं...जब भी घर से बाहर निकलें माॅस्क जरूर पहनें, हाथों को सैनिटाइज करते रहें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वैक्सीन लगवाएं। हमसब मिलकर कोरोना के खिलाफ जंग जीतेंगे और कोविड चेन को तोडेंगे। #ANCares #IndiaFightsCorona

PREV

वायरल न्यूज(Viral News Updates): Read latest trending news in India and across the world. Get updated with Viral news in Hindi at Asianet Hindi News

Recommended Stories

गजब! चांदी के गहनों के लिए पूर्व सरपंच की 90 साल की सास को खाट समेत उठा ले गए चोर
Shocking Video:फ्लोरिडा में किशोर ने दोस्त को आग लगाई, फिर बोला, ‘हे भगवान...’