
तेहरान (Tehran). ईरान में एक शादीशुदा व्यक्ति और उसके मेल लवर को मौत की सजा सुनाई गई है। शादीशुदा व्यक्ति के लिए उसके ससुर ने फांसी की मांग की थी। दोनों पर अडल्ट्री (Adultery) का आरोप लगा है। द सन (The Sun) की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी की पत्नी ने कोर्ट में अपनी जान बख्शने की भीख मांगी है। ईरानी शरिया कानून (Sharia Law) में अगर पीड़ित का परिवार अपराध के आरोपियों को माफ कर देता है तो उन्हें माफ किया जा सकता है। या सिर्फ जेल की सजा दी जा सकती है। लेकिन महिला के पिता ने माफ नहीं किया। दामाद पर धोखा देने का आरोप लगाकर फांसी की सजा की मांग की।
पहले पत्थर मारने का कानून था
ईरान में कानून के तहत अडल्ट्री के दोष के लिए पत्थर मारने की सजा थी, लेकिन 2013 में कानून को बदल दिया ताकि जजों को दूसरी सजा चुनने का विकल्प मिल सके। अरबी शब्द शरिया का अर्थ रास्ता है। यह एक मुसलमान के जीवन के हर पहलू को बताता है। विभिन्न देशों में शरिया कानून की व्याख्या करने का तरीका अलग-अलग है। यह काफी हद तक सरकार पर निर्भर करता है। इस साल जब तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया, तब भी इस कानून की काफी आलोचना की गई थी।
तालिबान ने 1990 के दशक में महिलाओं के साथ काफी क्रूरता की। उनका उत्पीड़न किया। अब जब अफगानिस्तान में तालिबान फिर से लौटा तो महिलाओं में शरिया कानून को लेकर फिर से डर पैदा हो गया। तालिबान नेता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा था कि अफगानिस्तान पर शरिया कानून लागू होगा। यहां लागू कानून के मुताबिक ही महिलाओं को आजादी दी गई। उन्हें ऑफिस जाने से रोक दिया गया। बिना किसी पुरुष के महिलाओं को घर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई।
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