Mumbai Cost of Living 2026: मुंबई में अकेले रहने का एक महीने का खर्च IIM ग्रेजुएट नंदिनी सेठी ने ₹1.31 लाख बताया, जिसने सोशल मीडिया यूजर्स के बीच नई बहस शुरु कर दी है। देखिए वायरल वीडियो।

Viral Instagram Video: मुंबई को सपनों का शहर कहा जाता है, लेकिन यहां रहने की असली कीमत क्या होती है, इस पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। IIM इंदौर से पढ़ाई कर चुकीं नंदिनी सेठी ने सोशल मीडिया पर अपने एक महीने के खर्च का पूरा हिसाब शेयर किया। उनका दावा है कि जून महीने में अकेले रहते हुए उनके कुल खर्च ₹1,31,277 तक पहुंच गए। खास बात यह है कि इस रकम में किसी तरह की निवेश या बचत शामिल नहीं थी। पोस्ट सामने आते ही लोगों ने न सिर्फ अपने-अपने मंथली खर्च बताए, बल्कि मुंबई की महंगे लाइफस्टाइल पर भी खुलकर राय रखी।

किराए से लेकर घर बसाने तक, हर खर्च ने बढ़ाया बजट

नंदिनी सेठी हाल ही में मुंबई के एक नए फ्लैट में शिफ्ट हुई हैं। उन्होंने बताया कि उनके घर का मासिक किराया ₹31,000 है। फ्लैट पूरी तरह अनफर्निश्ड था, इसलिए शुरुआत में जरूरी फर्नीचर खरीदने पर करीब ₹25,000 खर्च करने पड़े। इसके अलावा उन्होंने घर की डीप क्लीनिंग, एसी इंस्टॉलेशन, ग्रॉसरी, आने-जाने का खर्च, कुक और हाउस हेल्प की फीस जैसी रोजमर्रा की जरूरतों पर भी अच्छी-खासी रकम खर्च की। इन सभी खर्चों को जोड़ने के बाद महीने का कुल बिल ₹1.31 लाख से अधिक पहुंच गया। उन्होंने यह भी कहा कि इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बाद भी इसमें निवेश या सेविंग्स शामिल नहीं हैं।

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'लोग आखिर मुंबई में रहना क्यों पसंद करते हैं?'

अपने वीडियो में नंदिनी ने सवाल उठाया कि जब एक सामान्य महीने का खर्च इतना ज्यादा हो सकता है, तो आखिर लोग इस शहर में रहना क्यों पसंद करते हैं। उन्होंने माना कि मुंबई में रहना उनके लिए उम्मीद से कहीं ज्यादा महंगा साबित हुआ और अभी भी वह इस खर्च को समझने की कोशिश कर रही हैं। उनका यह सवाल कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर गया, क्योंकि मुंबई में रहने की बढ़ती लागत पहले से ही चर्चा का विषय रही है। नीचे देखें वायरल वीडियो-

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सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

नंदिनी की पोस्ट पर हजारों लोगों ने अपनी राय दी। कुछ यूजर्स ने कहा कि मुंबई में शुरुआती महीनों में घर बसाने का खर्च स्वाभाविक रूप से ज्यादा होता है, इसलिए इसे हर महीने के नियमित खर्च से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं कई लोगों ने माना कि महानगरों में किराया, घरेलू सेवाएं और रोजमर्रा की जरूरतें लगातार महंगी होती जा रही हैं। कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि अब पहले जितने पैसों में काम चल जाता था, उतने में आज सिर्फ जरूरी खर्च ही पूरे होते हैं। वहीं कुछ लोगों ने मुंबई को ऐसा शहर बताया, जहां करियर के बेहतर अवसर और तेज रफ्तार जिंदगी लोगों को ऊंचे खर्च के बावजूद आकर्षित करती है।

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महंगाई नहीं, लाइफस्टाइल भी बना बड़ा मुद्दा

यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति के खर्च तक सीमित नहीं है। इससे यह बहस फिर सामने आई है कि महानगरों में बढ़ती महंगाई के साथ-साथ लाइफस्टाइल, रहने का तरीका और शुरुआती सेटअप कॉस्ट भी मासिक बजट को काफी प्रभावित करते हैं। ऐसे में किसी भी बड़े शहर में शिफ्ट होने से पहले किराया, घरेलू जरूरतों और अन्य नियमित खर्चों का सही आकलन करना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।