
काबुल. अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान पहले से ज्यादा ताकतवर नजर आ रहा है। बुधवार को तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे पता चलता हो कि 11 सितंबर के आतंकी हमले में ओसामा बिन लादेन का हाथ हो।
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने एक इंटरव्यू में कहा, जब लादेन अमेरिकियों के लिए एक मुद्दा बन गया था, उस वक्त वह अफगानिस्तान में था। हालांकि इस बात का कोई सबूत नहीं था कि हमले में वह शामिल था। अब हमने वादा किया है कि अफगान धरती का इस्तेमाल किसी के खिलाफ नहीं किया जाएगा।
'20 साल बाद भी कोई सबूत नहीं है'
मुजाहिद ने कहा, कोई सबूत नहीं है। 20 साल के युद्ध के बाद भी हमारे पास कोई सबूत नहीं है कि वह शामिल था। युद्ध का कोई मतलब नहीं था। यह युद्ध के लिए एक बहाना था।
जानें हमले का क्या सबूत मिला था?
2004 में जारी एक टेप मैसेज में बिन लादेन ने माना था कि उसने 11 सितंबर के हमलों का आदेश दिया था। 19 लोगों ने चार अमेरिकी विमानों को अपने कब्जे में ले लिया और उन्हें न्यूयॉर्क शहर और पेंटागन में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर टावर में ले जाकर क्रैश कर दिया गया। चौथा विमान पेंसिल्वेनिया में एक मैदान में क्रैश हो गया।
1 मई 2011 को पाकिस्तान में नेवी सील्स ने लादेन को मार गिराया गया था। 9/11 की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 9/11 का हमला लादेन ने करवाया था। रिपोर्ट में कहा गया है, 2001 में अफगानिस्तान में अल कायदा के नेताओं के बीच असंतोष पैदा हुआ कि आगे क्या करना है। तालिबान के प्रमुख मुल्ला उमर ने अमेरिका पर हमला करने का विरोध किया। लेकिन लादेन की सभी की बात को खारिज कर दिया।
ये भी पढ़ें..
4- जहर थूकने वाले कोबरा ने लिया दिल दहला देने वाला बदला, सिर कटने के 20 मिनट बाद भी दुश्मन को दी मौत
5- चेहरे पर दिए इतने घाव कि दिखाना भी मुश्किल, जानें इस मासूम की इतनी क्रूर हत्या क्यों की गई?
वायरल न्यूज(Viral News Updates): Read latest trending news in India and across the world. Get updated with Viral news in Hindi at Asianet Hindi News