
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में फेक वैक्सीनेशन कैंप चलाया गया। टीएमसी सांसद मिमी चक्रवर्ती सहित कई लोगों को फेक वैक्सीन लगाई गई। आरोपी खुद को IAS बताने वाला देबंजन देब है। फेक वैक्सीन के बाद मिमी चक्रवर्ती की तबीयत भी खराब हुई थी। ऐसे में जानना जरूरी हो जाता है कि फेक वैक्सीन के नाम पर लोगों को कौन सा इंजेक्शन लगाया गया? वो कितना खतरनाक है?
फेक वैक्सीन के नाम पर टीएमसी सांसद मिमी चक्रवर्ती सहित बाकी लोगों को एंटीबायोटिक एमिकासिन का इंजेक्शन लगाया गया था। बता दें कि घोटाले के मास्टरमाइंड 28 साल के देबंजन देब को पिछले हफ्ते कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
वैक्सीन के बाद बीमार पड़ी थी मिमी चक्रवर्ती
टीएमसी सांसद मिमी चक्रवर्ती भी फेक वैक्सीन कैंप का शिकार हुई थीं। पिछले हफ्ते उन्हें पेट में दर्द हुआ था। हालांकि यह पता नहीं चल पाया था कि क्या वैक्सीन की वजह से उनकी तबीयत खराब हुई या कोई और वजह थी।
बड़ी संख्या में मिली एमिकासिन की शीशियां
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी के ऑफिस से बड़ी संख्या में एमिकासिन की शीशियां और कोविशील्ड वैक्सीन की नकली लेबल बरामद किए गए हैं। जब्त की गई शीशियों में बिना किसी बैच नंबर या एक्सपायरी डेट के कोविशील्ड लेबल थे।
एमिकासिन क्या है?
एमिकासिन या एमिकासिन सल्फेट बैटेरियल इन्फेक्शन के लिए दिया जाता है। यह बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकता है। इसका इस्तेमाल मेनिन्जाइटिस (सिर और रीढ़ की हड्डी को घेरने वाली झिल्लियों का संक्रमण) और ब्लड, पेट, फेफड़े, स्किन, हड्डियों, जोड़ों के संक्रमण के इलाज के लिए किया जाता है। इसका साइड इफेक्ट आम तौर पर बहुत हल्का होता है। जैसे उल्टी आना, भूख न लगना, प्यास लगना शामिल है।
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