सुप्रीम कोर्ट का अयोध्या मामले में बड़ा बयान , कहा-दोनों पक्ष चाहें तो वह मध्यस्थता के जरिए सुलझा सकते हैं मामला

Published : Sep 18, 2019, 01:27 PM ISTUpdated : Sep 18, 2019, 01:32 PM IST
सुप्रीम कोर्ट का अयोध्या मामले में बड़ा बयान , कहा-दोनों पक्ष चाहें तो वह मध्यस्थता के जरिए सुलझा सकते हैं मामला

सार

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि यदि दोनों पक्ष चाहें तो राम-जन्मभूमि व बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मध्यस्थता से हल कर सकते हैं।

अयोध्या(उत्तर प्रदेश). सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि यदि दोनों पक्ष चाहें तो राम-जन्मभूमि व बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मध्यस्थता से हल कर सकते हैं। बुधवार को जारी बयान में कहा गया कि मामले से संबद्ध दोनों पक्ष राजी होंतो वे अब भी ऐसा कर सकते हैं।

मध्यस्थता के लिए पूर्व न्यायाधीश को मिला है पत्र 
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा कि उसे उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एफ एम आई कलीफुल्ला का पत्र मिला है। जिसमें कहा गया है कि कुछ पक्षों ने उन्हें मध्यस्थता प्रक्रिया पुन: आरंभ करने के लिए पत्र लिखा है। कलीफुल्ला ने मामले में तीन सदस्यीय मध्यस्थता पैनल की अगुवाई की थी।

भूमि विवाद मामले की जारी रहेगी सुनवाई 

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा कि भूमि विवाद मामले में रोजाना के आधार पर कार्यवाही बहुत आगे पहुंच गई है। यह सुनवाई आगे भी जारी रहेगी। 
गोपनीय रहेगी मध्यस्थता प्रक्रिया 
अदालत ने कहा कि पूर्व न्यायमूर्ति कलीफुल्ला की अगुवाई में मध्यस्थता प्रक्रिया अब भी जारी रह सकती है।  उसकी कार्यवाही भी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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