Sachin Yadav suspended: यूपी विधानसभा के मॉनसून सत्र में सीएम योगी की तस्वीर लेकर विरोध करना सपा विधायक सचिन यादव को भारी पड़ गया। सदन ने उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। जानिए आखिर क्या हुआ, विधानसभा सचिवालय ने क्या कहा और अब आगे क्या होगा।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र में मंगलवार को उस समय सियासी माहौल गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर हाथ में लेकर विरोध जताते नजर आए। सदन में इस घटनाक्रम के बाद हंगामा बढ़ा और कुछ ही देर में विधानसभा ने उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे सत्र के लिए निलंबन का फैसला सुना दिया। अब सचिन यादव मॉनसून सत्र के बाकी बचे दो दिनों की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगे और विधानसभा परिसर में भी प्रवेश नहीं कर पाएंगे।

CM योगी की तस्वीर लेकर विरोध, फिर सदन ने लिया बड़ा फैसला

मॉनसून सत्र के दौरान सपा विधायक सचिन यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लेकर सदन में पहुंचे। विपक्ष के विरोध के बीच सदन का माहौल लगातार गर्माता गया। इसके बाद विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया गया और सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।

इस कार्रवाई के चलते अब वह न तो सदन की कार्यवाही में शामिल हो सकेंगे और न ही विधानसभा की किसी समिति की बैठक में भाग ले पाएंगे। विधानसभा के शेष दो दिनों तक उनके सदन में प्रवेश पर भी रोक रहेगी।

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विधानसभा सचिवालय ने पत्र में क्या कहा?

विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि 4 अगस्त 2026 को सदन द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य-संचालन नियमावली, 2023 के नियम 299 के उपनियम (1) के तहत सचिन यादव को दोपहर 1:25 बजे से पूरे सत्र के लिए सदन की सेवा से निलंबित किया गया है।

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन की अवधि के दौरान वह विधानसभा परिसर, जैसा कि नियमावली में परिभाषित है, में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इसके साथ ही उन्हें सदन और उसकी समितियों की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति भी नहीं होगी।

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सचिन यादव के निलंबन के बाद समाजवादी पार्टी को विधानसभा में बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। मॉनसून सत्र के अंतिम दिनों में विपक्ष की रणनीति पर भी इसका असर पड़ सकता है। हालांकि, विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी आदेश में कार्रवाई का आधार सदन द्वारा पारित प्रस्ताव और नियम 299 को बताया गया है।

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