वाराणसी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के खिलाफ FIR,हजार से अधिक फर्जी डिग्रियां गई थी बांटी

Published : Jun 30, 2022, 03:08 PM IST
वाराणसी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के खिलाफ FIR,हजार से अधिक फर्जी डिग्रियां गई थी बांटी

सार

यूपी के वाराणसी में स्थिति संस्कृत विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। इसके पीछे की वजह फर्जी दस्तावेजों में हजार से अधिक डिग्रियां बांटी गई और उन्हीं दस्तावेजों के दम पर लोग नौकरी कर रहे है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआईटी ने वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस FIR में एक पूर्व रजिस्ट्रार समेत 16 अफसरों, कर्मचारियों पर दर्ज है। इसके पीछे की वजह फर्जी डिग्रियां है। पूरा मामला विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्रियों से जुड़ा हुआ है। दरअसल एसआईटी जांच में साल 2004 से 2014 के बीच की विश्वविद्यालय की 1130 डिग्रियां फर्जी पाई गई थी। जिसमें फर्जी डिग्रियों से सैकड़ों लोगों को सरकारी नौकरी भी मिल गई थी। 

207 शिक्षकों के दस्तावेजों में मिली गड़बड़ी
इस बात का खुलासा तब हुआ जब डिग्रियों को सत्यापन के लिए संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय भेजा गया तो कर्मचारियों की मिलीभगत से उसे सही बताते हुए सत्यापित भी कर दिया गया। साल 2015 में इस मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई धी। राज्य के सभी जिलों में करीब छह हजार डिग्रियां की जांच एसआईटी ने कराई थी। साल 2015 में यह मामला सामने आया था जब पता चला था कि फर्जी डिग्री के सहारे बड़ी संख्या में लोगों को सरकारी टीचर की नौकरी मिली है। इस जांच में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से जारी करीब 1130 डिग्रियां फर्जी पाई गई और 207 शिक्षकों के दस्तावेजों में हेराफेरी मिली।

एसआईटी जांच के बाद शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई
संपूर्णानंद विश्वविद्यालय में एसआईटी ने अपनी जांच में डिग्री देने, सत्यापन की प्रक्रिया से जुड़े लोगों को दोषी माना और शासन से इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की इजाजत मांगी। शासन की इजाजत के बाद अब एसआईटी ने एफआईआर दर्ज कर ली है। फर्जी डिग्री से सरकारी शिक्षक बने कई आरोपियों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। उसके बाद शिक्षा विभाग को इसकी रिपोर्ट भी भेजी थी। एसटीएफ की रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग ने भी सख्ती दिखाते हुए कई आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की थी। लेकिन सभी वो लोग बच निकले थे।

वाराणसी: जिला प्रशासन ने निजी चिकित्सालयों को दिया गया निर्देश, दो हफ्ते में कराएं पंजीकरण व नवीनीकरण

गोद ली हुई बच्ची के साथ मां करती थी ऐसा सुलूक, वायरल वीडियो में घाव दिखाकर लगाई मदद की गुहार

मुजफ्फरनगर: दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने आरोपी को सुनाई आजीवन कारावास, मासूम बच्चे के साथ की थी शर्मनाक हरकत

मुजफ्फरनगर: बोर्ड परीक्षा में नकल कराना 3 शिक्षिकों को पड़ा भारी, 21 साल बाद कोर्ट ने दोषी मानते हुए सुनाई सजा

PREV

उत्तर प्रदेश में हो रही राजनीतिक हलचल, प्रशासनिक फैसले, धार्मिक स्थल अपडेट्स, अपराध और रोजगार समाचार सबसे पहले पाएं। वाराणसी, लखनऊ, नोएडा से लेकर गांव-कस्बों की हर रिपोर्ट के लिए UP News in Hindi सेक्शन देखें — भरोसेमंद और तेज़ अपडेट्स सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

Kalinjar Mahotsav 2026: बांदा में 15-17 फरवरी तक सांस्कृतिक और खेल महोत्सव का भव्य आयोजन
Yogi Government Update: कैम्पियरगंज में बनेगा वानिकी विश्वविद्यालय, युवाओं को नौकरी और किसानों को आय का लाभ