भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 87 वां दीक्षांत समारोह में शामिल हुई राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

Published : Mar 29, 2022, 06:25 PM ISTUpdated : Mar 29, 2022, 07:01 PM IST
भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 87 वां दीक्षांत समारोह में शामिल हुई राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

सार

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का 87 वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को खंदारी परिसर में पहुंची। शोभायात्रा के साथ वैदिक मंत्रों का उच्चारण हुआ। इसके बाद दीक्षांत समारोह की शुरुआत हुई। साथ ही दोनों ने ही छात्राओं के लिए भविष्य में ऐसे ही सफलता के पायदान चढ़ने की शुभकामनाएं भी दी। इसके साथ ही उन्होंने स्टूडेंट्स के संग टीचर्स की भी क्लास ली। कुछ बातों में उन्होंने कई बाते बोल दी। 

आगरा: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का 87 वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को खंदारी परिसर में पहुंची। जिसकी अध्यक्षता आनंदीबेन पटेल ने की। साथ ही उनके साथ मुख्य अतिथि के रूप में चिदानंद सरस्वती महाराज भी आए हैं। दोनों ही अतिथि ने दीक्षांत समारोह में 169 मेधावियों को पदक प्रदान किया। शोभायात्रा के साथ वैदिक मंत्रों का उच्चारण हुआ। इसके बाद दीक्षांत समारोह की शुरुआत हुई। साथ ही दोनों ने ही छात्राओं के लिए भविष्य में ऐसे ही सफलता के पायदान चढ़ने की शुभकामनाएं भी दी। इसके साथ ही उन्होंने स्टूडेंट्स के संग टीचर्स की भी क्लास ली। कुछ बातों में उन्होंने कई बाते बोल दी। 

1991 की सरकार को आंतकवादियों ने दी थी चुनौती 
राज्यपाल ने दी शिक्षकों और स्टूडेंट्स को कुछ नसीहत दी जैसे- विश्वविद्यालय का माहौल बदलें, सभी अपनी जिम्मेदारी समझें, तभी विश्वविद्यालय ऊंचाई छुएगा। उसके आगे उन्होंने कहा कि सभी समय से कॉलेज जाएं। स्टूडेंट्स को पढ़ाएं। और मजदूरों का भी मजदूर दिवस पर सम्मान करें। आनंदीबेन पटेल ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कश्मीर फाइल्स फिल्म और कश्मीरी पंडितों पर हुए जुल्म का भी जिक्र किया। 

70 प्रतिशत से ज्यादा मेडल बेटियों के नाम
आनंदीबेन पटेल और चिदानंद सरस्वती महाराज की मौजूदगी में कुलगीत के साथ खंदारी परिसर स्थित छत्रपति शिवाजी दीक्षांत मंडपम में सुबह 11:30 बजे दीक्षांत समारोह का शुभारंभ हुआ। इस समारोह में लगभग 118743 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां दी गईं। पहली बार पीएचडी और डीलिट के छात्रों को मंच पर डिग्री दी गई। आवासीय इकाई के छात्रों को भी डिग्रियां समारोह में मिली। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि, जब मैं पढ़ती थी तब एक क्लास में एक भी लड़की नहीं होती थी। बेटियां देश में ही नहीं पूरी दुनिया में आगे बढ़ रही हैं। यहां पर 70 प्रतिशत से ज्यादा मेडल बेटियों के नाम रहे हैं। बेटियां आज हर क्षेत्र में आगे हैं। लड़ाकू विमान भी बेटियां उड़ा रही हैं। उसके बाद उन्होंने कहा कि बेटियों को बधाई और शुभकामनाएं। बेटों को भी शुभकामनाएं। राज्यपाल आगे कहती है कि आज जागरूकता से महिलाएं अपनी मर्जी और मन से वोटिंग करके देश के उत्थान वाली सरकार बना रही हैं। 

उन्होंने कहा कि उस समय की सरकार को आंतकवादियों ने चुनौती दी थी। कश्मीर में महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार होता था। ऐसे ही वो लोग अपना घर छोड़कर नहीं आए थे। साल 1991 में आतंकवादियों ने तत्कालीन सरकार को चुनौती दी थी कि वो लाल चौक पर तिरंगा नहीं फहरने देंगे। इसके बाद एकता यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में वो अकेली महिला थीं। 43 दिन की कन्याकुमारी से कश्मीर की यात्रा में 26 जनवरी को उन्होंने लाल चौक पर तिरंगा फहराया था। उन्होंने कहाकि सभी लोगों को कश्मीर के साथ अंडमान निकोबार के बारे में जानना चाहिए।

मजदूरों को सम्मान देने की कही बात
राज्यपाल ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय और कॉलेजों में जल संरक्षण के उपाय करने को कहा। विश्वविद्यालयों के पास कई एकड़ जमीन है, लेकिन बारिश का पानी बचाने की कॉलेज में कोई व्यवस्था नहीं है। सभी कॉलेजों को पानी बचाने के लिए इंतजाम करने चाहिए। इतना ही नहीं उन्होंने विवि और कॉलेजों में बिजली के दुरूपयोग पर भी नसीहत दी। आगे कहती है कि कॉलेज और कार्यालयों में एसी, पंखें और लाइट जलती रहती हैं। कोई देखने वाला नहीं होता। लाखों रुपए का बिल आता है। जो सरकार को भरना पड़ता है। ऐसे में कुलपति सहित अन्य अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि जब वो अपने कार्यालय से बाहर निकले तो खुद एसी-लाइट बंद करें। हमें 20 फीसद बिजली बिल में कटौती करनी चाहिए। इसके अलावा एक मई मजदूर दिवस पर उन्होंने मजदूरों का सम्मान करने की बात भी कही।

दीक्षांत समारोह में इतने लाख छात्रों को मिली उपाधि
दीक्षांत समारोह में स्नातक स्तर की 88930 छात्र, स्नातकोत्तर के 12655 छात्र, प्रोफेशनल 17769 और सेमेस्टर पाठ्यक्रम के 3756 छात्रों को उपाधि प्रदान की गई। इसके अलावा पीएचडी की एक उपाधियां दी जाएंगी। डीलिट के 49 शोधार्थियों को एमफिल की उपाधि प्रदान की गई। दीक्षांत समारोह में 169 छात्र-छात्राओं को पदक दिए जाएंगे। इसमें 135 छात्राएं और 34 छात्र हैं। 169 में से 129 गोल्ड व 40 सिल्वर मेडल दी गई। इस समारोह में 1.18 लाख छात्रों को उपाधि मिली। कुलपति ने बताया कि दीक्षांत समारोह की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

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