कोरोना को रोकने के लिए यूपी सरकार को वो रोडमैप, जिसे हर राज्य को फॉलो करना चाहिए...

Published : May 11, 2021, 06:21 PM ISTUpdated : May 12, 2021, 03:41 PM IST
कोरोना को रोकने के लिए यूपी सरकार को वो रोडमैप, जिसे हर राज्य को फॉलो करना चाहिए...

सार

सीएम ने 500 से अधिक केस आने वाले जिलों में पहले नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया। इसके बाद भी स्थिति सुधार न होने पर कई चरणों में कोरोना कर्फ्यू (आंशिक लॉकडाउन) 17 मई सुबह 7 बजे तक घोषित किया था। साथ ही मास्क न लगाने वालों से पहली बार एक हजार और दूसरी बार 10 हजार रुपए का जुर्माना वसूलने का आदेश दिया। जिसका कड़ाई से पुलिस पालन करा रही है। 

लखनऊ (Uttar Pradesh) । कोरोना की दूसरी लहर ने देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया। अस्पतालों में बेड,ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन आदि के लिए लोग परेशान दिखने लगे। इसी बीच पंचायत चुनाव ने आग में घी डालने का काम किया, क्योंकि मतदान और मतगणना के बाद कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई। हर रोज मरने के मामले सामने आने लगे। लेकिन, सीएम योगी आदित्यनाथ खुद की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद फिर से फ्रंट पर आकर मोर्चा संभाल लिए। इसके बाद प्रशासनिक मशीनरी भी एक्शन मूड में आ गई। डीएम से लेकर आशा कार्यकर्ता तक गांव-गांव में नजर आने लगे। स्थित यह हुई कि दस दिन के अंदिर ही उत्तर प्रदेश में कुल एक्टिव केस 94 हजार घट गए हैं। 

खुद स्थलीय हकीकत देखने जा रहे सीएम
सीएम योगी आदित्यनाथ रोजाना टीम 9 के साथ मीटिंग कर रहे हैं। साथ ही स्थलीय सच जानने के लिए लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली, मुरादाबाद मंडल का खुद दौरा कर चुके हैं। साथ ही अन्य जिलों में डीएम को व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दे रहे हैं। इस बीच व्यापार सहित अन्य बड़े संगठनों से भी मदद के लिए संवाद स्थापित किए। वे ट्रेस, टेस्ट तथा ट्रीट के फार्मूला पर काम कर रहे हैं। जिसकी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सराहना किया है। डब्ल्यूएचओ का मानना है कि भारत के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने गांव में भी जाकर घर-घर लोगों का परीक्षण किया है। 

इस तरह लगाया 17 मई तक लगाया कोरोना कर्फ्यू
सीएम ने 500 से अधिक केस आने वाले जिलों में पहले नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया। इसके बाद भी स्थिति सुधार न होने पर कई चरणों में कोरोना कर्फ्यू (आंशिक लॉकडाउन) 17 मई सुबह 7 बजे तक घोषित किया था। साथ ही मास्क न लगाने वालों से पहली बार एक हजार और दूसरी बार 10 हजार रुपए का जुर्माना वसूलने का आदेश दिया। जिसका कड़ाई से पुलिस पालन करा रही है। 

पंचायत चुनाव बाद से चला रहे अभियान
पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना से ज्यादा संक्रमित गांवों में घर-घर जांच अभियान शुरू किया गया। यह अभियान पांच मई से शुरू होकर नौ मई तक चला। जबकि नगरीय इलाकों में डीएम से लेकर आशा तक जाकर लोगों को जागरूक किए। इस दौरान सभी नगरीय और ग्रामीण इलाकों में सफाई और सैनिटाइजेशन और संदिग्ध लोगों का किट के माध्यम से कोविड टेस्ट भी हुआ।  

आवागमन के लिए जारी कर रहे ई-पास
लॉकडाउन में आवश्यक वस्तुओं के आवागमन के लिए rahat.up.nic.in के माध्यम से ई-पास जारी किया जा रहा है। आम लोग भी चिकित्सा सेवा लेने के लिए ई-पास के लिए आवेदन करना पड़ रहा है। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पनंबर 1076 पर आवश्यक वस्तुओं की सेवा न मिल पाने पर शिकायत करने की सुविधा दी गई। एक जिले से दूसरे जिले में भी जाने वालों को ई-पास लेना पड़ रहा है। जगह-जगह बैरीकेडिंग की गई है। इस दौरान ई-पास का सत्यापन क्यूआर कोड के जरिए पुलिसकर्मी कर रहे हैं।

इन नंबरों पर सीधे संपर्क करने की दी गई सुविधा
ई-पास के आवेदन संबंधी किसी समस्या के निराकरण के लिए विशेष सचिव, राजस्व विभाग रामकेवल के मोबाइल नंबर 9411006000, प्रोजेक्ट एक्सपर्ट चंद्रकांत के मोबाइल नंबर 9988514423, वाट्सएप नंबर 9454411081 और राहत आयुक्त कार्यालय के नंबर 0522-2238200 पर संपर्क किया जा सकता है।

सभी जिलों में सेक्टर मजिस्ट्रेट प्रणाली लागू
सभी जिलों में सेक्टर मजिस्ट्रेट प्रणाली लागू की गई है। सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने क्षेत्र और अस्पताल के बाहर भ्रमण कर हैं। साथ हील लोगों की मदद कर रहे हैं। सेक्टर यह सुनिश्चित करा रहे हैं कि हर जरूरतममंद मरीज को बेड मिले। जरूरत ऑक्सीजन की हो, वेंटिलेटर की हो अथवा जीवनरक्षक दवाओं की, उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। बेड आवंटन और डिस्चार्ज पॉलिसी को प्रभावी ढंग से लागू कराएं। किसी जिले में शासनादेशों का उल्लंघन होता हुआ पाया गया तो संबंधित जिलाधिकारी और सीएमओ की जवाबदेही तय की जाएगी।

बेड, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी दूर
योगी सरकार ने बेड, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी को दूर करने की भी दिशा में बेहतर काम किया। अस्पताल खोलने के साथ  रेमडेसिविर इंजेक्शन के हवाले किया। जिनके हस्ताक्षर के बाद मरीजों को इंजेक्शन दिया जा रहा है, जबकि ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए ऑक्सीजन प्लांट तक लगाया गया। हालांकि यह कार्य अभी कई जिलों में चल भी रहा है। हालांकि प्रशासन द्वारा हायर किए गए प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के नाम पर धन उगाही की भी शिकायतें आ रही हैं, जिसकी मजिस्ट्रेट के स्तर से जांच कराई जा है।

टीम नाइन ऐसे करती है काम
लखनऊ, गोरखपुर सहित कई शहरों में में कोविड नियंत्रण से लेकर ऑक्सीजन सप्लाई और अस्पतालों में मरीजों की भर्ती तक की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए टीम नाइन का गठन किया है। इसमें सीडीओ, सीएमओ और एडीएम समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं। ऐसे में हम आपको सभी टीमों के काम के बारे में ंबता रहे  हैं।

-पहली टीम सरकारी और निजी अस्पतालों के आईसीयू और ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था देखती है। अस्पतालों में कर्मचारियों की व्यवस्था और टीकाकरण अभियान को सफल बनाने का कार्य भी करती है।

-दूसरी टीम पर जिले में एम्बुलेंस सेवाओं के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी है। इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम की नियमित रूप से समीक्षा करती है।

-तीसरी टीम शासन और अन्य जिलों से महत्वपूर्ण विषयों पर समन्वय करती है। रिपोर्ट शासन को देगी। शासन से आने वाली चिट्ठियों का उसी दिन जवाब देती है। साथ अन्य विभागों से समन्वय रखती है।

-चौथी टीम जिले की औद्योगिक इकाइयों और व्यावसायिक इकाइयों का संचालन प्रभावित न हो इस पर नजर रखती है। साथ ही सभी इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना कराकर व्यवस्था सुनिश्चित करा रही है। 

-पांचवीं टीम में गेहूं खरीद की व्यवस्था सुनिश्चित करने, समय से भुगतान करने, किसानों को खाद, बीज आदि की व्यवस्था करने का कार्य कर रही है। समिति यह भी सुनिश्चित कर रही है कि सभी जरूरी सामान आम लोगों को उचित मूल्य पर मिल रहा है या नहीं।

-छठवीं टीम में ऑक्सीजन की समय पर व्यवस्था कराने, इसके लिए शासन और अन्य जिलों, सप्लायरों, ट्रांसपोर्टरों से समन्वय स्थापित कर रही है।

-7 वीं टीम प्रवासी कामगारों के जिले में आने पर रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों, ग्राम पंचायतों और वार्डों में उनकी जांच कराने, क्वारंटीन करने की व्यवस्था करा रही है।

-8 वीं टीम कंटेनमेंट जोन में प्रभावी व्यवस्था करने, पूरे जिले में मास्क की चेकिंग करने, साप्ताहिक बंदी का कड़ाई से पालन कराने का कार्य कर रही है। इसे अलावा कारागार में साफ सफाई और सैनिटाइजेश्न कराने, रिजर्व पुलिस लाइन में कोविड केयर सेंटर बनाने और संचालित करने का कार्य कर रही है।

-9 वीं टीम जिले के सभी नगरीय और ग्रामीण इलाकों में सफाई और सैनिटाइजेशन के कार्यों को देख रही है। 

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