BSNL डायरेक्टर विवेक बंजल ने प्रयागराज दौरे के लिए 50 अफसरों की ड्यूटी व नए अंडरगारमेंट्स जैसी शाही मांगें कीं। आदेश वायरल होने पर विवाद के चलते दौरा रद्द हो गया और मंत्रालय ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए।
नई दिल्ली: सरकारी कंपनी BSNL के एक डायरेक्टर अपने 'शाही' शौक को लेकर विवादों में घिर गए हैं. डायरेक्टर विवेक बंजल ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज दौरे के लिए ऐसी-ऐसी मांगें रख दीं कि सुनकर हर कोई हैरान है. उन्होंने 25-26 फरवरी के अपने दौरे के लिए 50 अफसरों की ड्यूटी लगाने और संगम में डुबकी के बाद नए चड्ढी-बनियान तक मुहैया कराने का आदेश जारी कर दिया था. यह आदेश BSNL के ऑफिशियल लेटरहेड पर जारी किया गया था. जैसे ही इसकी कॉपी वायरल हुई, हंगामा मच गया. केंद्रीय टेलीकॉम मंत्रालय ने इसे गंभीरता से लिया और बंजल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दे दिए. विवाद बढ़ता देख बंजल ने अपना दौरा रद्द कर दिया है.
क्या है पूरा विवाद?
विवेक बंजल को 25-26 फरवरी को प्रयागराज जाना था. उनके प्लान में संगम में स्नान, नाव की सवारी, बड़े हनुमान मंदिर, अक्षयवट और पातालपुरी मंदिर के दर्शन शामिल थे. अपनी मदद के लिए उन्होंने 50 अधिकारियों की एक लंबी-चौड़ी फौज तैनात करने को कहा था, जिन्हें करीब 20 अलग-अलग काम सौंपे गए थे.
आदेश में लिखा था, 'मेरे लिए पवित्र स्नान की व्यवस्था की जाए. इसके बाद तौलिया, अंडरगारमेंट्स (बनियान-चड्ढी), चप्पल, कंघी जैसी चीजें लाकर दी जाएं.' यही नहीं, उन्होंने होटल में ड्राई फ्रूट्स, फलों की टोकरी, शैम्पू और तेल जैसी चीजों का इंतजाम करने का भी निर्देश दिया था. यह आधिकारिक आदेश वायरल होते ही विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद बंजल ने अपना दौरा रद्द कर दिया.
मंत्री ने दिए कार्रवाई के आदेश
मामला सामने आने पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे 'अनुचित, अस्वीकार्य और चौंकाने वाली घटना' बताया. उन्होंने तुरंत बंजल के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया. बंजल को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिनों के अंदर जवाब देने को कहा गया है.
BSNL की सफाई
BSNL ने भी ट्वीट कर इस पर सफाई दी है. कंपनी ने कहा, ‘बंजल का यह बर्ताव संस्था के पेशेवर मानकों और मूल्यों के खिलाफ है. संबंधित व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की गई है.’
