उत्तराखंड से सांप्रदायिक हिंसा का ताजा मामला सामने आया है। बैरागीवाला गांव में हिंसा की शुरुआत कैसे हुई? क्या यह विवाद खेत में पानी लगाने को लेकर शुरू हुआ था? हिंसक झड़प में किस युवक की मौत हुई? इस घटना में कुल कितने लोग घायल हुए हैं? बैरागीवाला हिंसा का CCTV फुटेज क्या दिखाता है?
देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। झड़प में विनोद नाम के एक युवक की मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में लोगों का गुस्सा भड़क उठा। आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके घरों पर कार्रवाई की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। स्थिति उस समय बेकाबू हो गई, जब प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने पुलिस की मौजूदगी में पथराव किया। आरोपियों के एक घर में आग लगा दी गई। हालात को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। वहीं इस मामले में 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना के बाद प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

CCTV फुटेज में दिखी हिंसा की पूरी तस्वीर
घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हिंसा का पूरा घटनाक्रम दिखाई दे रहा है। वीडियो में कई लोग लाठी-डंडों के साथ एक-दूसरे पर हमला करते नजर आ रहे हैं। फुटेज में देखा जा सकता है कि गांव की सड़कों और गलियों में अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। कुछ लोग हाथों में डंडे लेकर दौड़ते दिखाई देते हैं, जबकि कई लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आते हैं। पूरे इलाके में चीख-पुकार और भगदड़ जैसा माहौल दिखाई देता है।
खेत में पानी लगाने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार इस पूरे विवाद की शुरुआत खेत में पानी लगाने को लेकर हुई थी। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला हिंसक झड़प में बदल गया। अब सामने आए CCTV फुटेज में इस हिंसा के कई दृश्य कैद हुए हैं, जो घटना की गंभीरता को दिखाते हैं। वीडियो में लोग एक-दूसरे पर हमला करते दिखाई दे रहे हैं और पूरे गांव में भय का माहौल नजर आ रहा है।
महिलाएं और बच्चे भी डर के साये में रहे
वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि हिंसा शुरू होने के बाद महिलाएं और बच्चे सुरक्षित स्थानों की तलाश करते नजर आए। अचानक हुए हमले के कारण पूरे गांव में डर का माहौल फैल गया। इस हिंसक झड़प में एक हिंदू युवक की मौत हो गई, जबकि एक महिला सहित तीन लोग घायल हुए हैं। युवक की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया।
आरोपियों की गिरफ्तारी और बुलडोजर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद कई हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता बैरागीवाला गांव पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के एनकाउंटर की भी मांग उठाई। उनका आरोप है कि यह कोई सामान्य झगड़ा नहीं बल्कि एक हिंदू युवक की मॉब लिंचिंग का मामला है।
नेशनल हाईवे जाम कर किया प्रदर्शन
गुस्साए लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नेशनल हाईवे जाम कर दिया। कई घंटों तक प्रदर्शन जारी रहा और बड़ी संख्या में लोग सड़क पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार तीखी बहस भी देखने को मिली।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा, इंटरनेट सेवा बंद
घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया है और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों को रोकने के लिए प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
घटना के बाद भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान सबसे पहले अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। इसके बाद वे बैरागीवाला गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सहसपुर कोतवाली के थाना प्रभारी को भी मामले में सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।


