Kailash Vijayvargiya on Dharmendra Pradhan: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन के पहले दिन ही प्रधान ने इस्तीफा देने की इच्छा जताई थी। जानिए पूरा बयान।

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन शुरू होने के पहले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान ने पार्टी नेतृत्व से कहा था कि यदि संगठन को लगता है कि उनके इस्तीफे की जरूरत है, तो वे तुरंत पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। विजयवर्गीय के इस बयान ने इस्तीफे के पीछे की राजनीतिक चर्चा को नया आयाम दे दिया है।

'पार्टी ने कहा तो बिना देरी छोड़ दिया पद'

इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वह धर्मेंद्र प्रधान को छात्र राजनीति के समय से जानते हैं और उनकी निष्ठा व संगठन के प्रति समर्पण पर कभी सवाल नहीं उठे। उनके अनुसार, आंदोलन के पहले दिन ही प्रधान ने पार्टी अध्यक्ष के सामने इस्तीफे की पेशकश कर दी थी। हालांकि उस समय पार्टी ने इसे स्वीकार नहीं किया, लेकिन बाद में जब नेतृत्व ने फैसला लिया तो उन्होंने बिना किसी देरी के पद छोड़ दिया। विजयवर्गीय ने इसे एक अनुशासित कार्यकर्ता का उदाहरण बताया।

यह भी पढ़ें: शिक्षा मंत्रालय फिर चर्चा में, जानिए 2014 के बाद किस विभाग में हुआ सबसे ज्यादा बदलाव

विदेशी साजिश और विपक्ष पर साधा निशाना

विजयवर्गीय ने दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन ताकतों की रणनीति को विफल करने वाला कदम साबित हुआ, जो छात्र आंदोलन के जरिए देश में अस्थिरता फैलाना चाहती थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ विदेशी ताकतें भारत को बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी स्थिति में धकेलने की कोशिश कर रही थीं। साथ ही कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष ने छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की, जबकि आंदोलन में उसकी कोई वास्तविक भूमिका नहीं थी। उनके मुताबिक, कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से छात्रों के साथ खड़ी दिखाई दी।

यह भी पढ़ें: धर्मेंद्र प्रधान VS प्रह्लाद जोशी: कौन ज्यादा पढ़ा-लिखा? देखिए नए शिक्षा मंत्री की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन