pralhad joshi education qualification : धर्मेंद्र प्रधान की जगह अब प्रह्लाद जोशी अब मोदी सरकार में नए शिक्षा मंत्री बन गए हैं। आज संडे को उन्होंने कार्यभार भी संभाल लिया है। दोनों ही सांसदों की गिनती पीएम मोदी के करीबी नेताओं में होती है। आइए जानते हैं दोनों में कौन सबसे ज्यादा पढ़ा लिखा?

नई दिल्ली. नए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को शिक्षा मंत्री का पदभार संभाल लिया है। यानि साफ तौर पर कहें तो उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी संभाल लिया है। इस मौके पर उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी हूं कि उन्होंने मुझ पर विश्वास जताया और यह जिम्मेदारी सौंपी। "मैं इसे पूरी विनम्रता और कर्तव्य की गहरी भावना के साथ स्वीकार करता हूं।" तो आइए जानते हैं पूर्व एजुकेशन मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान और कैलाश जोशी में कौन कितना पढ़ा लिखा...दोनों में किसके पास ज्यादा डिग्रिया हैं?

प्रह्लाद जोशी कितने पढ़े लिखे?

प्रह्लाद जोशी ने अपनी स्कूलिंग की पढ़ाई रेलवे स्कूल से पूरी की है। क्योंकि उनके पिता इंडियन रेलवे में नौकरी करते थे। इसलिए शुरुआती पढ़ाई रेलवे स्कूल से हुई। हालांकि आगे की एजुकेशन के लिए वह हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल में पढ़ाई करने पहुंचे। इसके बाद उन्होंने शिक्षा श्री कदसिद्देश्वर आर्ट्स कॉलेज से पूरी की। यानि कुल मिलकर नए शिक्षा मंत्री ने बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) तक पढ़ाई की है।

पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कितने पढ़े लिखे?

अगर हम पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की एजुकेशन की बात करें तो उन्होंने मानवशास्त्र (एंथ्रोपोलॉजी) में स्नातकोत्तर (एमए) तक पढ़ाई की है। उन्होंने ग्रेजुएशन ओडिशा के तालचेर कॉलेज से किया है। तो वहीं भुवनेश्वर स्थित उत्कल विश्वविद्यालय से मास्टर की डिग्री हासिल की है।

कौन हैं नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी

  • 27 नवंबर 1962 को जन्में प्रह्लाद जोशी कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद हैं। वह उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के साथ-साथ नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। अपने पिछले कार्यकाल में वह कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री थे। बीजेपी में उनकी गिनती सीनियर नेताओं में होती है।
  • जोशी ने पहला लोकसभा चुनाव साल 2004 में लड़ा और जीता। इसके बाद 2009, 2014, 2019 और 2024 में भी लगातार जीत दर्ज की। लगातार पांच बार एक ही सीट से जीत हासिल करना उनकी बड़ी राजनीतिक उपलब्धियों में गिना जाता है। बीजेपी के अलावा जोशी लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं।