वीडियो डेस्क। देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 4 लाख 90 हजार हो चुके हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कह दिया है कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं बनती तब तक हमें सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का इस्तेमाल करना होगा। सभी जानते हैं कि देश में बढ़ते कोरोना मामलों के साथ मास्क की भी मांग बढ़ी है। बहुत से लोग हैं जो मास्क बनाने का काम जुटे हैं। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और नौजवान भी शामिल हैं। यहां तक पुलिसकर्मियों ने भी मास्क सिलने का काम किया है। ताजा मामला कर्नाटक से है जहां एक 10 वर्षीय बच्ची ने अपने एक हाथ से मास्क सिले और कुछ छात्रों में बाटें। सोशल मीडिया पर बच्ची के जज्बे की खूब तारीफ हो रही है।10 वर्षीय सिंधुरी उडुपी की रहने हैं। वह दिव्यांग है। इसके बावजूद उन्होंने अपने एक हाथ से मास्क सिलकर जरुरतमंदों में बाटें। दरअसल, सिंधुरी ने गुरुवार को यह मास्क एसएसएलसी की परीक्षा देने आए छात्रों को दिए।
वीडियो डेस्क। देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कह दिया है कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं बनती तब तक हमें सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का इस्तेमाल करना होगा। सभी जानते हैं कि देश में बढ़ते कोरोना मामलों के साथ मास्क की भी मांग बढ़ी है। बहुत से लोग हैं जो मास्क बनाने का काम जुटे हैं। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और नौजवान भी शामिल हैं। यहां तक पुलिसकर्मियों ने भी मास्क सिलने का काम किया है। ताजा मामला कर्नाटक से है जहां एक 10 वर्षीय बच्ची ने अपने एक हाथ से मास्क सिले और कुछ छात्रों में बाटें। सोशल मीडिया पर बच्ची के जज्बे की खूब तारीफ हो रही है।10 वर्षीय सिंधुरी उडुपी की रहने हैं। वह दिव्यांग है। इसके बावजूद उन्होंने अपने एक हाथ से मास्क सिलकर जरुरतमंदों में बाटें। दरअसल, सिंधुरी ने गुरुवार को यह मास्क एसएसएलसी की परीक्षा देने आए छात्रों को दिए।