सुबह-ए-बनारस समारोह में पहुंची पद्मश्री मालिनी अवस्थी, अस्सी घाट पर बने सांस्कृतिक मंच पर दी प्रस्तुति

सुबह-ए-बनारस समारोह में पहुंची पद्मश्री मालिनी अवस्थी, अस्सी घाट पर बने सांस्कृतिक मंच पर दी प्रस्तुति

Published : Nov 24, 2022, 12:23 PM IST

वाराणसी में आयोजिच सुबह-ए-बनारस के स्थापना दिवस समारोह में पद्मश्री मालिनी अवस्थी पहुंची। यहां उन्होंने अस्सी घाट पर बने सांस्कृतिक मंच पर प्रस्तुति भी दी। इससे पहले वह आरती में भी शामिल हुईं। 

वाराणसी के अस्सी घाट पर सुबह ए बनारस मंच का आज 9वां स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री मालिनी अवस्थी पहुंची। सुबह एक बनारस द्वारा होने वाले दैनिक सुबह आरती में पद्मश्री मालिनी अवस्थी सम्मिलित हुई। उसके उपरांत उन्होंने महायज्ञ में शामिल होकर यज्ञ किया एवं सुबह ए बनारस के सांस्कृतिक मंच पर उन्होंने अपनी प्रस्तुति दी।

उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है। महादेव की नगरी ऊपर से गंगा जी का किनारा अस्सी घाट पर यह पूजन मंच जहां पर जहां अनवरत संगीत की सेवा हो रही है। जहां पर गंगा जी के आरती के बाद विश्व कल्याण के लिए यज्ञ के बाद स्वर्ग की प्रणामी दी जाती है। आज मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है। मुझे यहां नवमी वर्षगांठ पर बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि अपने घर में बुलाया नहीं जाता। उन्होंने कहा कि इतने अच्छे और इतने विद्वान आज यहां पर मेरे सामने बैठ कर सुन रहे थे। यह एक कलाकार के लिए सौभाग्य की बात होती है। 

बनारस में आयोजित काशी तमिल संगम के लिए पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की "एक भारत श्रेष्ठ भारत" की परिकल्पना है। प्रधानमंत्री जी की सोच हमेशा से भारत किस प्रकार से एक हो सांस्कृतिक रूप से एक है। लेकिन उन लोगों को दिखे भी इसकी इतनी सुंदर क्योंकि काशी और कांची यदि आप देखें तो जैसे काशी सांस्कृतिक राजधानी वैसे कांचीपुरम भी हमारे दक्षिण भारत के पूरे सांस्कृतिक तमिल और उत्तर भारत के संगम कैसे हमारे इष्ट एक हैं कैसे हमारी पूजा पद्धति हमारा आचार विचार और जीवन दर्शाने के साथ साथ  दिखाई भी दे यह उसकी बहुत सुंदर परिकल्पना है।  मैं बहुत इसके लिए बधाई देती हूं और मैं सोचती हूं कि इस तरह के आयोजन हर जगह करे जाने की जरूरत है। आज पूरा भारत एक है। इसमें आप देख रहे हैं कि दक्षिण भारत की कला हो दक्षिण भारत का साहित्य हो इसकी चर्चा आज घर घर में है उस दृष्टि से मुझे लगता है कि काशी में आयोजित यह कार्यक्रम एक भारत श्रेष्ठ भारत अवधारणा को और मजबूती प्रदान करता है।

02:19Kanpur Gangrape Case में नया मोड़: आरोपी दारोगा Amit Maurya का लेटर वायरल, बेबस हाईटेक पुलिस!
05:51Meerut Kapsad Ruby Case: पिता से मिलकर रोई रूबी, कोर्ट में बताया Paras Som की करतूत
02:32फास्ट फूड मतलब मौत! दिमाग में बनी थी गांठें, बर्गर-नूडल्स ने ली एक और जान
03:03SC on Kuldeep Sengar : SC से कुलदीप सेंगर मिला झटका, उन्नाव रेप केस पीड़िता ने बताया आगे का इरादा
04:25Unnao Rape Case: कौन है Kuldeep Sengar के समर्थन में आई ये महिला आई, क्या-क्या कहा
04:08पीएम मोदी ने लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया | देखें ऐतिहासिक पल
03:14सजा निलंबित फिर भी जेल में रहेंगे कुलदीप सिंह सेंगर, क्यों अधूरी रह गई रिहाई
03:04बंद कमरे में 52 ब्राह्मण विधायक! यूपी की राजनीति में क्या पक रहा है?
03:15उन्नाव केस में कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद पर लगी रोक! जानिए क्यों ?
04:55अवैध संबंध का शक: पति ने पत्नी की मफलर से गला दबाकर हत्या की, वाराणसी से खौफनाक मामला