सीडीएस जनरल विपिन रावत के निधन पर काशी विश्वनाथ के कालभैरव मंदिर के गर्भगृह में गुरुवार सुबह मंगला आरती के समय शांति पाठ का आयोजन किया गया। इस दौरान काल भैरव के सम्मुख योगी प्रकाश नाथ योगेश्वर ,महंत रोहित योगेश्वर ,योगी धर्मेंद्र नाथ गोस्वामी, रमेश जी एवं काल भैरव मंदिर परिवार के लोगों ने उपस्थित होकर सीडीएस जनरल विपिन रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की।
वाराणसी: देश की तीनों सेनाओं के प्रमुख सीडीएस जनरल बिपिन रावत (bipin rawat) के निधन से पूरा देश शोकाकुल है। ऐसे में महाकाल की नगरी काशी (kashi) में भी इस दुखद घड़ी का बड़ा असर पड़ा है। ऐसे में बुधवार से ही यहां के लोग शोकाकुल हैं। इसी के चलते गुरुवार को काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव के दरबार में मंदिर प्रशासन (temple administration) की ओर से शांतिपाठ करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बता दें कि 2017 में जब जनरल रावत, पत्नी मधुलिका रावत संग बनारस आए थे तो विश्व प्रसिद्ध काशी की गंगा आरती का भी भरपूर लुत्फ उठाया था। साथ ही बाबा विश्वनाथ दरबार में मत्था टेक देश की खुशहाली और संप्रभुता की रक्षा का आशीर्वाद मांगा था। उस वक्त मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था, 'काशी वाकई में त्रिलोक से न्यारी और एक अद्भुत आध्यात्मिक शहर है। यहां आकर नई ऊर्जा का संचार हुआ है'। इस मौके के बाद से ही काशीवासियों का सीडीएस जनरल विपिन रावत से अलग ही लगाव हो गया था।
निधन से काशी शोकाकुल
काल भैरव मंदिर के गर्भगृह में मंगला आरती के समय भारत के जाबाज सीडीएस जनरल विपिन रावत को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी गई। बाबा काल भैरव के सम्मुख योगी प्रकाश नाथ योगेश्वर ,महंत रोहित योगेश्वर ,योगी धर्मेंद्र नाथ गोस्वामी, रमेश जी एवं काल भैरव मंदिर परिवार के लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रधान गद्दीदार योगी योगेश्वर ने कहा कि सीडीएस जनरल रावत का आकस्मिक निधन की राष्ट्र की बहुत बड़ी क्षति है। भगवान जनरल रावत के परिवार के सदस्यों को शक्ति प्रदान करें। साथ ही समस्त भारतीयों को इस आपदा से से लड़ने के लिए शक्ति प्रदान करें। इस मौके पर जनरल रावत के साथ ही अन्य जिन लोगों का इस दुर्घटना में निधन हुआ है उन सभी के परिवारजनों को इस दारुण दुःख को सहन करने शक्ति प्रदान करने के लिए शांति पाठ का आयोजन किया गया। सभी के परिवारों के लिए भगवान से कामना की गई।