कोरोना संक्रमण के बीच क्या है चुनाव प्रचार सामग्री बेचने वालों का हाल, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट

कोरोना संक्रमण के बीच क्या है चुनाव प्रचार सामग्री बेचने वालों का हाल, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट

Published : Jan 28, 2022, 12:18 PM IST

5 साल चुनाव का इन्तेजार करते करते कट गए, फिर इन ही दुकानदारों पर कोरोना की मार भी पड़ गयी। आलम ये है कि दुकानदारों के पास अब एक भी आर्डर नही है।
दुकानदारों ने बताया कि इससे पहले आर्डर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के समय मिला था और उससे पहले अखिलेश यादव और जयंत चौधरी की जनसभा के लिए मिला था तब से अब तक कोई भी आर्डर चुनाव सामग्री के लिए प्राप्त नहीं हुआ।
 

मेरठ: कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए चुनाव आयोग ने आगामी विधानसभा चुनाव (UP  Vidhansabha  CHunav  2022) के लिए कई पाबंदियां लगा दी जो अब चुनाव सामग्री बेचने वाले छोटे दुकानदारों के लिए ग्रहण बनी हुई है। ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई पार्टी का प्रत्याशी जनसभाओं को संबोधित नहीं कर सकता, रैलियां नहीं निकाल सकता और अब आचार संहिता लगने के बाद कहीं पर अपने झंडे भी नहीं लगा सकता। इसी के चलते मेरठ के संवादाता अनमोल शर्मा ने चुनाव सामग्री बेचने वाले दुकानदार से बात की देखिए एशियानेट  हिंदी की ग्राउंड रिपोर्ट में क्या है दुकानदारों का हाल...

5 साल चुनाव का इन्तेजार करते करते कट गए, फिर इन ही दुकानदारों पर कोरोना की मार भी पड़ गयी। आलम ये है कि दुकानदारों के पास अब एक भी आर्डर नही है।
दुकानदारों ने बताया कि इससे पहले आर्डर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के समय मिला था और उससे पहले अखिलेश यादव और जयंत चौधरी की जनसभा के लिए मिला था तब से अब तक कोई भी आर्डर चुनाव सामग्री के लिए प्राप्त नहीं हुआ।

पाबंदी हटने की उम्मीद नही
मेरठ के इंद्रा चौके के पास चुनाव सामग्री बेचने वाले व्यपारियों की दुकानें है जो पिछले कई दशकों से चुनाव सामग्री जैसे पार्टी के झंडे,टोपी,पताके, आदि बनाने का काम करते हैं। दुकानदार आसिफ बताते हैं कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ जब चुनाव के समय एक भी आर्डर प्राप्त नहीं हुआ हो। पहले कोरोनकाल में दुकानें बंद रखनी पड़ी फिर अब जब व्यापार पटरी पर लौटने की उम्मीद थी तब चुनाव आयोग ने प्रचार प्रसार पर पाबंदी लगा दी। अब इलेक्शन तक पाबंदी हटने की कोई उम्मीद नजर नही आ रही है।

ट्रांसपोर्ट्स को भी नही मिल रहे आर्डर
वही, दूसरी तरफ ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले व्यापारियों पर भी चुनाव आयोग की पाबंदियों का ग्रहण लगा हुआ है।दरअसल में जनसभा करने के लिए और भीड़ जुटाने के लिए प्रत्याशी किराए पर कई कई गाड़ियां लिया करते थे बस लिया करते थे जो इस बार पाबंदियों के चलते शून्य हो गया है।

02:19Kanpur Gangrape Case में नया मोड़: आरोपी दारोगा Amit Maurya का लेटर वायरल, बेबस हाईटेक पुलिस!
05:51Meerut Kapsad Ruby Case: पिता से मिलकर रोई रूबी, कोर्ट में बताया Paras Som की करतूत
02:32फास्ट फूड मतलब मौत! दिमाग में बनी थी गांठें, बर्गर-नूडल्स ने ली एक और जान
03:03SC on Kuldeep Sengar : SC से कुलदीप सेंगर मिला झटका, उन्नाव रेप केस पीड़िता ने बताया आगे का इरादा
04:25Unnao Rape Case: कौन है Kuldeep Sengar के समर्थन में आई ये महिला आई, क्या-क्या कहा
04:08पीएम मोदी ने लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया | देखें ऐतिहासिक पल
03:14सजा निलंबित फिर भी जेल में रहेंगे कुलदीप सिंह सेंगर, क्यों अधूरी रह गई रिहाई
03:04बंद कमरे में 52 ब्राह्मण विधायक! यूपी की राजनीति में क्या पक रहा है?
03:15उन्नाव केस में कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद पर लगी रोक! जानिए क्यों ?
04:55अवैध संबंध का शक: पति ने पत्नी की मफलर से गला दबाकर हत्या की, वाराणसी से खौफनाक मामला