
कोलकाता, पश्चिम बंगाल. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नवरात्रि की शुरुआत धरने से की। यह संयोग है कि मंगलवार को नवरात्रि शुरू हो रही है और ममता ने धरना दिया। वे तीन घंटे तक धरने पर बैठीं। इस दौरान उन्होंने समय गुजारने पेंटिंग बनाई। चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी पर 24 घंटे तक प्रचार करने पर रोक लगाई थी। आयोग के इस फैसले से नाराज ममता कोलकाता में गांधीमूर्ति के सामने धरने पर बैठीं। बता दें कि ममता ने केंद्रीय सुरक्षाबलों और साम्प्रदायिक भावना भड़काने वाले बयान दिए थे। निर्वाचन आयोग ने कहा कि, राज्य में कानून व्यवस्था की गंभीर समस्याएं पैदा कर सकने वाले ऐसे बयानों की वो निंदा करता है। आयोग ने ममता बनर्जी को दुबारा ऐसा न करने की हिदायत भी दी थी। हालांकि जिला प्रशासन ने कहा कि ममता बनर्जी ने धरने के लिए कोई परमिशन नहीं ली है। टीएमसी ने उन्हें सुबह 9 बजे ईमेल से इसकी जानकारी दी।
पश्चिम बंगाल में जारी चुनावी घमासान का आधा दौर निकल चुका है। यहां 8 चरणों में चुनाव प्रक्रिया होना है। पांचवें चरण में 45 सीटों पर 17 अप्रैल को, छठे चरण में 43 सीटों पर 22 अप्रैल को, सातवें चरण में 36 सीटों पर 26 अप्रैल को और आठवें चरण में 35 सीटों पर 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। रिजल्ट 2 मई का आएगा।
भाजपा का तंज
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नक़वी ने कहा-ममता दीदी का धरना टैक्टिस(रणनीति), डिफीट(हार) के बाद की प्रैक्टिस है। वे अपनी सरकार का हिसाब नहीं दे पाईं। उन्होंने एक ही धर्म को नहीं फॉलो किया, वो है राजधर्म। इधर, ममता बनर्जी को शिवसेना ने सपोर्ट किया है। संजय राउत ने ट्वीट किया कि यह कार्यवाई बीजेपी के इशारे पर की गई। वे बंगाल टाइगर के साथ हैं।
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