तुलसी गबार्ड का क्लिटंन को जवाब, कहा- आमने-सामने करें मुकाबला, कायरों की तरह पीछे ना छिपे

Published : Oct 19, 2019, 01:00 PM ISTUpdated : Oct 19, 2019, 01:37 PM IST
तुलसी गबार्ड का क्लिटंन को जवाब, कहा- आमने-सामने करें मुकाबला, कायरों की तरह पीछे ना छिपे

सार

तुलसी गबार्ड ने हिलेरी क्लिटंन को ‘युद्ध भड़काने वाली रानी’ करार दिया। क्लिंटन ने एक साक्षात्कार के दौरान गबार्ड पर आरोप लगाया था कि रूस उनकी ‘मदद’ कर रहा है, ताकि वह राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार के रूप में उभर सकें।

वाशिंगटन: डेमोक्रेट सांसद तुलसी गबार्ड ने एक बयान में पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को ‘युद्ध भड़काने वाली रानी’ करार दिया। क्लिंटन ने आरोप लगाया था कि अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में रूस तीसरे पक्ष के उम्मीदवार के रूप में गबार्ड को तैयार कर रहा है। गबार्ड ने पिछले साल खुद को राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवारों की दौड़ में शामिल करने का निर्णय लिया था और हिंदू होने की वजह से वह भारतीय-अमेरिकी लोगों की पसंदीदा उम्मीदवार हैं।

क्लिंटन का आरोप- रूस और ट्रंप कर रहे हैं गबार्ड की मदद

क्लिंटन ने एक साक्षात्कार के दौरान गबार्ड पर आरोप लगाया था कि रूस उनकी ‘मदद’ कर रहा है, ताकि वह राष्ट्रपति चुनाव में तीसरे पक्ष के उम्मीदवार के रूप में उभर सकें। पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री ने जाहिर तौर पर गबार्ड का हवाला देते हुए कहा, ‘‘मैं कोई भविष्यवाणी नहीं कर रही हूं, लेकिन मुझे लगता है कि रूस की नजर ऐसे व्यक्ति पर है जो फिलहाल डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों में प्राइमरी दौड़ में है।’’

क्लिंटन ने हालांकि साक्षात्कार के दौरान गबार्ड का नाम नहीं लिया था। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के पूर्व सहयोगी डेविड प्लुफे ने कहा कि क्लिंटन का मानना है कि तुलसी गबार्ड तीसरे पक्ष की उम्मीदवार बनने जा रही हैं और उन्हें रूस और ट्रंप ला रहे हैं।

 

गबार्ड ने जवाबी हमला करते हुए ट्वीट किया, ‘‘ वाह! शुक्रिया हिलेरी क्लिंटन। आप युद्ध भड़काने वाली रानी, भ्रष्टाचार की प्रतिमूर्ति, दुर्गंध का रूप जिसने डेमोक्रेटिक पार्टी को लंबे समय से बीमार कर रखा है और जो अंतत: पर्दे के पीछे से बाहर आ चुके हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब यह स्पष्ट हो गया है कि प्राइमरी उम्मीदवारों के चयन का चुनाव आपके और मेरे बीच में है। किसी के पीछे कायराना तरीके से न छिपें। सीधी दौड़ में आइए।’’

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

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