US Tariffs: 'भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद नहीं किया तो...', ट्रंप के सलाहकार ने दी चेतावनी

Published : Aug 28, 2025, 04:06 PM IST
Kevin Hassett

सार

US ने भारत से आयातित सामानों पर 50% टैरिफ लगाया है। डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार केविन हैसेट ने चेतावनी दी है कि भारत अगर रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद नहीं करेगा तो ट्रंप नरम नहीं होंगे। 

US Tariffs on India: अमेरिका में भारत से आने वाले सामानों पर 50% टैरिफ लागू हो गया है। भारत को दबाव के आगे झुकता नहीं देख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट ने चेतावनी दी है। कहा है कि अगर भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद नहीं किया तो ट्रंप भारतीय आयातों पर लगाए जा रहे शुल्कों पर रुख नरम नहीं करेंगे।

अमेरिकी राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के निदेशक केविन हैसेट ने व्यापार को लेकर भारत के साथ बातचीत को जटिल बताया। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिकी उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने में अड़ियल रवैया अपना रहा है। उन्होंने कहा,

यदि भारतीय नहीं झुकेंगे तो मुझे नहीं लगता कि राष्ट्रपति ट्रंप भी झुकेंगे।

 

अमेरिका ने भारत से आने वाले सामानों पर लगाया 50% टैरिफ

डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भारत से होने वाले आयात पर 25% टैरिफ लगाया था। बाद में रूस से कच्चा तेल खरीदने की बात कह 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया। इससे भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया। यह बुधवार से लागू हो गया है। ट्रंप ने भारत और ब्राजील पर सबसे अधिक टैरिफ लगाया है।

 

 

अमेरिकी उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलना नहीं चाहता भारत

हैसेट ने कहा कि भारत के साथ व्यापार वार्ता "जटिल" है। भारत अमेरिकी उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने में अड़ियल रवैया अपना रहा है। उन्होंने दावा किया कि रूस पर हम जो दबाव डाल रहे हैं वह शांति समझौता सुनिश्चित करने और लाखों लोगों की जान बचाने के लिए है।

व्यापार समझौते के लिए टैरिफ लगाकर दबाव डाल रहा अमेरिका

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत हो रही है। अमेरिका चाहता है कि भारत अपने कृषि और डेयरी सेक्टर को खोले, लेकिन भारत तैयार नहीं। अमेरिकी नॉनवेज मिल्क से बने प्रोडक्ट के आयात को लेकर भी भारत तैयार नहीं। इन बातों के चलते व्यापार समझौते पर बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है। ऐसे में अमेरिका ने टैरिफ लगाकर भारत पर दबाव डाला है।

ट्रंप के सलाहकार की बातें अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के पिछले बयानों से मेल खाती है। बेसेंट ने कहा था कि भारत पर हाई टैरिफ "न केवल भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद के कारण" हैं, बल्कि चल रही व्यापार समझौते की वार्ता की लंबी अवधि के कारण भी हैं।

यह भी पढ़ें- निर्यात के लिए नए बाजार की खोज से घरेलू मांग बढ़ाने तक, ट्रंप के टैरिफ से भारत कैसे कम करेगा नुकसान

अमेरिकी टैरिफ पर क्या है भारत का रुख?

भारत ने कहा है कि वह अमेरिकी दबाव के खिलाफ मजबूती से खड़ा होने के लिए तैयार है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह देश के किसानों और पशु पालकों के हितों से "कभी समझौता नहीं" करेंगे। 25 अगस्त को गुजरात में मोदी ने कहा,

दबाव कितना भी क्यों न आए हम झेलने की अपनी ताकत बढ़ाते जाएंगे।

PREV

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Top 10 Morning News: देश-दुनिया में बड़ा भूचाल लाने वाली सुबह की 10 बड़ी खबरों के ताजा अपडेट
State Of Hormuz में बढ़ते खतरों पर UN में बोला भारत, कहा- जहाज़ों की सुरक्षा ज़रूरी