Venezuela: ट्रम्प ने कैसे कसा मादुरो का पेंच, 5 महीने में घुटनों पर आया वेनेजुएला

Published : Jan 04, 2026, 10:21 PM IST

Venezuela Crisis: अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के एजेंट्स ने कई महीनों तक वेनेजुएला में रहकर मादुरो की खुफिया जानकारी जुटाई। उसके बाद मिलिट्री की डिटेल रिहर्सल और मादुरो को पकड़ने के लिए 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' चलाया। जानते हैं इससे जुड़ी हर एक चीज।

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अगस्त 2025 में CIA की एंट्री

CIA के सीक्रेट एजेंट्स ने सबसे पहले अगस्त 2025 में वेनेजुएला की राजधानी काराकास की गलियों को अपना ठिकाना बनाया। इस दौरान वे मादुरो के डेली रुटीन को ट्रैक करते रहे। मसलन वो सुबह क्या करते हैं, क्या खाते हैं, किससे मिलते हैं वगैरह-वगैरह।

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स्टेल्थ ड्रोन से मादुरो के वीडियो किए कैप्चर

इसके अलावा वेनेजुएला के आसमान में उड़ते अमेरिकी स्टेल्थ ड्रोन ने बेहद सीक्रेट तरीके से मादुरो के वीडियो और फोटो कैप्चर किए। सीआईए एजेंट्स ने ये काम इतने बखूबी ढंग से किया कि वेनेजुएला की पुलिस और आर्मी को कानोंकान इसकी खबर नहीं लगी।

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मिलिट्री रिहर्सल 

जैसे-जैसे खुफिया जानकारी जमा होती गई, अमेरिका की डेल्टा फोर्स कमांडो ने केंटकी में जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड द्वारा बनाए गए मादुरो के कंपाउंड की फुल-स्केल रिहर्सल की। इस मिशन को 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' नाम दिया गया। अमेरिकी कमांडो दिन-रात प्रैक्टिस करते रहे।

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कमांडोज ने की स्टील के दरवाजों को तोड़ने की प्रैक्टिस

अमेरिका के डेल्टा फोर्स कमांडोज ने मॉक ड्रिल के दौरान तेजी से एंट्री करने, मजबूत स्टील के दरवाजों को तोड़ने और मिनटों के भीतर स्ट्रक्चर को खाली करने पर फोकस किया। प्रैक्टिस में कमांडोज को कई चुनौतियों का पता चला।

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कमांडोज के सामने आखिर क्या थी सबसे बड़ी चुनौती

मादुरो अक्सर 6 से 8 जगहों के बीच घूमते रहते थे और अक्सर देर शाम को तय करते थे कि वे कहां रहेंगे। इसका मतलब था कि अमेरिकी प्लानर्स को रात होने से कुछ समय पहले तक उनके ठिकाने की पुष्टि नहीं होती थी, जिससे टारगेटिंग के फैसले मुश्किल हो जाते थे। कमांडोज के सामने एक और सबसे बड़ी चुनौती आम जनता को नुकसान न पहुंचाने की भी थी।

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ऑपरेशन से पहले अमेरिका ने वेनेजुएला के पोर्ट पर किया अटैक

ऑपरेशन से हफ्तेभर पहले CIA ने वेनेजुएला के एक बंदरगाह पर ड्रोन हमला किया। इस हमले के पीछे तर्क दिया गया कि जहाजों में ड्रग थी, जिसे नष्ट किया गया। इस हमले से घबराए मादुरो ने अमेरिका के सामने वेनेजुएला के तेल का एक्सेस देने का प्रस्ताव रखा। लेकिन ट्रंप ने मादुरो को तुर्किये जाने को कहा। इस बात से मादुरो नाराज हो गए और डील कैंसिल कर दी।

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150 से ज्यादा ने किए हमले

अमेरिका ने मादुरो पर हमले के लिए क्रिसमस हॉलिडे के बाद का समय मुफीद माना, क्योंकि इस दौरान वेनेजुएला के ज्यादातर ऑफिसर छुट्टी पर थे। साथ ही सेना के जवान भी घर गए थे। लेकिन, वेनेजुएला में खराब मौसम के कारण ऑपरेशन को कुछ वक्त के लिए टाल दिया गया। इसके बाद, 3 जनवरी 2026 की रात वेनेजुएला में मौसम कुछ हद तक साफ हुआ। यही वो मौका था, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले का आदेश दिया। इसके बाद 150 से ज्यादा एयरक्रॉफ्ट ने अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए।

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मादुरो को पत्नी समेत हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क लाई CIA

मादुरो अपनी पत्नी के साथ फोर्टे तिउना मिलिट्री बेस के पास सो रहे थे। इसके बाद डेल्टा कमांडोज हेलिकॉप्टर के जरिये बिल्डिंग में दाखिल हुए और मादुरो और पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया। इसके बाद मादुरो को हेलिकॉप्टर से न्यूयॉर्क लाया गया। फिलहाल उन्हें ब्रुकलिन में रखा गया है।

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